ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

नामांकन प्रमाण पत्र अपलोड करने के बाद अखिल भारतीय बार परीक्षा-17 के परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित

इंदौर। नामांकन प्रमाण पत्र अपलोड़ करने के बाद आखिर अखिल भारतीय बार परीक्षा-17 के परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित हो गए। इन परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम के आगे लंबित लिखा हुआ आ रहा था। इसके चलते ये परीक्षार्थी परेशान थे।

इंदौर अभिभाषक संघ अध्यक्ष गोपाल कचोलिया ने बताया कि बार कौंसिल आफ इंडिया द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बार परीक्षा 17 के परिणाण घोषत होने के बाद भी कई परीक्षार्थियों के नाम के आगे परिणाम लंबित लिखा हुआ आ रहा था। इन परीक्षार्थियों ने परीक्षा में नामांकन प्रमाण पत्र या तो अपलोड नहीं किए थे या गलत अपलोड कर दिए थे।

ऐसे में बार कौंसिल ने परीक्षार्थियों को नामांकन प्रमाण पत्र दोबारा अपलोड़ करने की सुविधा दी थी। जिन्होंने नामांकन प्रमाण पत्र 15 मई 2023 तक अपलोड कर दिया था, उनके परीक्षा परिणाम शनिवार को घोषित हो गए। जिन परीक्षार्थियों ने अब तक रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अपने नामांकन प्रमाणपत्र अपलोड नहीं किए हैं, वे इसे 25 मई तक अनिवार्य रूप से अपलोड कर दें।

25 मई तक नामांकन प्रमाण पत्र अपलोड करने वालों के परीक्षा परिणाम 30 मई 2023 तक घोषित कर दिए जाएंगे। इस वर्ष इस परीक्षा में लगभग एक लाख सत्तर हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। हजारों परीक्षार्थियों ने पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान नामांकन प्रमाण पत्र अपलोड नहीं किया था। परीक्षार्थी अधिक जानकारी के लिए बार कौंसिल की हेल्पलाइन पर बात भी कर सकते हैं।

कोरोना काल में अटक गई थी परीक्षा

बार कौंसिल इस परीक्षा को वर्ष में दो बार आयोजित करता है लेकिन कोरोना की वजह से लंबे समय तक यह परीक्षा नहीं हो सकी थी। स्थानीय अभिभाषक संघ अस्थाई सनद तो जारी करता है लेकिन स्थाई सनद इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद ही जारी होती है। कुछ वर्ष पहले तक इस परीक्षा के लिए प्रदेश में इक्का-दुक्का सेंटर थे लेकिन बाद में इंदौर को भी परीक्षा सेंटर बना दिया गया।

Related Articles

Back to top button