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सच ही कहा गया है कि पूत सपूत तो क्या धन संचै, पूत कपूत तो क्या धन संचय… यह कवाहत आज छपरा में चरितार्थ हो गई।

पूत सपूत तो क्या धन संचै, पूत कपूत तो क्या धन संचय… यह कवाहत आज छपरा में चरितार्थ हो गया. जहां एक पिता का शव दरवाजे पर पड़ा रहा और अंतिम संस्कार से लेकर श्राद्ध कर्म में खर्च होने वाले पैसे की डर से कलयुगी बेटा और पुत्रवधू घर में ताला जड़कर फरार हो गया. यह मानवीय रिश्तों को शर्मशार कर देने वाली घटना है. काफी देर तक शव घर के दरवाजे पर पड़ा रहा और जब गांव वालों को जब इस बात की खबर मिली तो पुलिस को सूचना देकर ग्रमीणों ने शव का अंतिम संस्कार कराया. यह घटना छपरा जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बसाढ़ी गांव की है. बता दें कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बसाढी गांव निवासी राज कुमार सिंह बहुत पहले से पटना के दीघा में नीरज कुमार सिंह के यहां काम करते थे. उनका अपने घर बसाढी बहुत कम आना जाना होता था. बेटा और बहू जब भी पटना जाते थे, उनसे मुलाकात करते थे और उनकी सारी कमाई जमा पूंजी लेकर चले आते थे. इस बीच राजकुमार सिंह की तबीयत बिगड़ गई, लेकिन इलाज के लिए बेटे और बहु ने साथ नहीं दिया और तड़प-तड़प कर राजकुमार सिंह ने दम तोड़ दिया. मौत के बाद आश्चर्य तो तब हुआ जब उनका पार्थिव शरीर उनके गांव स्थित उनके घर एंबुलेंस से लाया गया तो शव देखते ही पुत्र, बहू और पोता घर में ताला जड़कर फरार हो गया. ग्रामीणों को यह देख बहुत आश्चर्य हुआ और स्थानीय ग्रामीण और पटना से आए लोग मुफस्सिल थाना पहुंचे और वहां सारी आपबीती सुनाने के बाद थाने को एक लिखित आवेदन दिया और बताया कि राजकुमार सिंह के घर में उनको मुखाग्नि देने वाला कोई नहीं था तो उनके शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया गया. पूरे गांव में यह घटना चर्चा का विषय बना हुआ था और लोगों का कहना था कि भगवान ऐसा बेटा और बहू किसी दुश्मन को भी न दें.

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