ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

एक अप्रैल से ओरछा में नहीं बिकेगी शराब

भोपाल । उमा भारती की शराबबंदी का असर अब टीकमगढ़ जिले में देखने को मिलेगा। साल 2023 के नए सत्र में इस बार श्रीराम राजा की नगरी ओरछा में शराब का विक्रय नहीं होगा। गौरतलब है कि टीकमगढ़-निवाड़ी जिले की 86 शराब दुकानों के टेंडर हो चुके हैं, जो एक अप्रैल से नए सिरे से लागू हो जाएंगे। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार टीकमगढ़ जिले में 54 और निवाड़ी जिले में 32 शराब दुकानें हैं। इन शराब दुकानों को संचालित करने के लिए मार्च में प्रक्रिया शुरू की गई। अब तक टीकमगढ़ जिले की 54 शराब दुकानों में से 51 शराब दुकानों के टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जबकि टीकमगढ़ जिले में 3 दुकानों के टेंडर शेष रह गए हैं। जिसके लिए फिर से टेंडर प्रक्रिया की जा रही है।
इस बार भी शराब ठेकेदारों ने ग्रुप में शराब दुकानों को ठेके पर लिया है। इसी तरह निवाड़ी जिले में 33 शराब दुकानें है, लेकिन इनमें से 32 शराब दुकानों को ठेके पर दिया गया है। जबकि एक शराब दुकान जो ओरछा में संचालित थी उस दुकान का ठेका नहीं दिया गया है। ऐसे में अब ओरछा में शराब दुकान का संचालन अब एक अप्रैल से नहीं होगा। जिससे ओरछा में अब शराब विक्रय पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है अगर कोई ओरछा में अवैध तरीके से शराब बेचता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। आबकारी अधिकारी पतरस बड़ा ने बताया कि टीकमगढ़ जिले में इस बार शराब दुकानें 10 प्रतिशत ज्यादा राशि पर ठेके पर गई हैं। इस बार जिले में शराब दुकानों के ठेके 124 करोड़ रुपए के लगभग में हुए हैं। शराब दुकान के नए ठेके एक अप्रैल से शुरू हो जाएंगे।
उमा ने अपने गांव से की थी शराबबंदी की शुरुआत
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपने गांव डूडा से शराबबंदी की शुरूआत की थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में शराब को प्रतिबंधित कराने के लिए उन्होंने कई दुकानों में गोबर तो कहीं पत्थर फेंककर विरोध जताया था। ओरछा प्रवास के दौरान उमा भारती ने शराब दुकान पर गोबर फेंककर इसे बंद कराने की बात कही थी। इसके बाद जब दूसरी बार वह ओरछा पहुंची और उन्हें दुकान बंद नहीं दिखीं, तो रात में शराब दुकान के बाहर चौपाल लगाकर बैठकर गई थीं। इसके बाद उन्होंने दुकान के बारह गाय को चारा भी खिलाया था। वह लंबे समय से श्रीरामराजा की नगरी में शराब विक्रय को रोकने की मांग कर रही थीं।

 

Related Articles

Back to top button