ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

दुष्‍यंत संग्रहालय के निदेशक राजुरकर राज का निधन, सीएम शिवराज ने जताया शोक

 भोपाल ।    दुष्यंत कुमार स्‍मारक पांडुलिपि संग्रहालय के संस्थापक निदेशक राजुरकर राज का निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्‍वस्‍थ चल रहे थे। उन्‍होंने करीब 25 साल पहले अपने घर के दो कमरों में यह संग्रहालय शुरू किया था। वह विविध भारती, भोपाल से वरिष्‍ठ उद्घोषक के पद से सेवानिवृत्‍त हुए थे। उनकी बेटी विशाखा ने बताया कि वह कई सालों से बीमार थे। उन्हें पैंक्रियाज में ट्यूमर था, जिसका पांच बार आपरेशन करवा चुके थे और अब आयुर्वेद से इलाज करवा रहे थे। लेकिन पिछले दो माह से उनकी तबियत काफी बिगड़ गई थी और लगातार खराब होते स्वास्थ्य के कारण वे बैतूल के पास अपने पैतृक गांव में ही रहकर अपना इलाज करवा रहे थे। इलाज के दौरान मंगलवार रात को उनका देहांत हो गया। राजुरकर के निधन से साहित्‍य जगत में शोक की लहर है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके निधन पर शोक व्‍यक्‍त करते हुए उन्‍हें श्रद्धांजलि दी है। सीएम शिवराज ने ट्वीट करते हुए लिखा कि दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय के संस्थापक श्री राजुरकर राज जी के निधन का दु खद समाचार प्राप्त हुआ है। स्निग्धयुक्त मुस्कुराहट ए वह जीवन भर साहित्य के संवर्द्धन, संरक्षण व सम्प्रेषण के लिए समर्पित रहे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।’

Related Articles

Back to top button