ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

कार्यशैली ठीक नहीं, नगर निगम अफसरों की शिकायत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से करेंगे: महापौर पुष्यमित्र भार्गव

इंदौर।  विधानसभा स्तर पर आयोजित होने वाली विकास यात्रा की तैयारी को लेकर गुरुवार को सिटी बस आफिस परिसर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सभी पार्षदों की समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक शुरू होते ही विकास यात्रा के बजाय पार्षदों ने अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पौन घंटे तक पार्षद निगम के अफसरों की शिकायत करते रहे। महापौर ने बैठक में मौजूद निगम अफसरों से पूछा तो वे जवाब नहीं दे सके। इस पर महापौर ने कहा कि सभी पार्षदों की शिकायत व बैठक के मिनट्स तैयार करें। ये शिकायतें अब मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएंगी। महापौर ने निगम अफसरों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए दो टूक कहा कि ढाई साल निगम के अफसरों को जो करना था वो कर लिया, अब चुने हुए जनप्रतिनिधियों के हिसाब से ही काम होगा। निगम के अफसर लालफीताशाही से बाहर आकर जनहितैषी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का काम करें। यदि अधिकारी नहीं सुनेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

पार्षदों ने चलाए शिकायतों के तीर

पार्षद कंचन गिदवानी: मेरे वार्ड में पैचवर्क नहीं हो रहा है। ऐसे में मैं जनता के बीच कैसे जाऊंगी, मैं विकास यात्रा नहीं निकाल पाऊंगी।

महापौर ने अधिकारियों से कहा: जवाब दीजिए क्या करें? विकास कार्य नहीं होंगे तो हम छह विधानसभा में छह कार्यों का भूमिपूजन कर मुख्यमंत्री को हकीकत बता देंगे।

पार्षद गजानंद गावड़े: निगम के अफसर सुनते नहीं हैं। वार्ड में काम नहीं होंगे तो हम अगली बार ‘अबकी बार 200 पार’ का नारा भी नहीं लगा पाएंगे।

पार्षद सोनाली परमार: जनकार्य विभाग के इंजीनियर अशोक राठौर हर फाइल में टीप लगाकर पहुंचा देते हैं और हमारे बताए काम नहीं करते हैं।

पार्षद बरखा मालू: हमारे वार्ड के जोनल अफसर छह माह से बीमारी के कारण छुट्टी पर हैं।

पार्षद सुरेश कुरवाडे: मैं ड्रेनेज के सिटी इंजीनियर सुनील गुप्ता के कमरे में बैठा रहा और वे बाहर घूम रहे थे।

पार्षद प्रणव मंडल: मित्रबंधु में दीवार बनाने का आदेश दिया था। आज तक पूरा नहीं किया।

पार्षद मुद्रा शास्त्री: निगम के विद्युत विभाग के सब इंजीनियर चौकसे को जब भी सुधार के लिए फोन लगाओ तो वे कलेक्टर के साथ मीटिंग में होने का तर्क देते हैं। ठेकेदारों को काम का कहो तो कहते हैं हमारा बकाया निगम से दिलवाओ।

एमआइसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया: बोरिंग की लाइनें बिछाने को लेकर चल रही फाइलों को संजीव श्रीवास्तव स्वीकृत नहीं कर रहे हैं।

एमआइसी सदस्य जीतू यादव: सुनील गुप्ता को कई बार फोन कर चुका हूं लेकिन वे हमारे क्षेत्र के काम नहीं कर रहे हैं।

एमआइसी सदस्य राजेश उदावत: उद्यान विभाग के अपर आयुक्त ने अलग-अलग वार्डों की 25 फाइलें लौटा दी हैं।

पार्षद कमल वाघेला: अफसर अपने आफिस में मिलते नहीं हैं। उनके बैठने का समय निश्चित किया जाए।

पार्षद महेश चौधरी: जब भी अफसरों से मिलने जाते हैं तो उनके पास ठेकेदार कुर्सी पर बैठे रहते हैं और हम खड़े रहते हैं।

विकास यात्रा में भूमिपूजन और लोकार्पण के 232 कार्य

विकास यात्रा को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने तैयारी को लेकर प्रेजेंटेशन दिया। 5 से 25 फरवरी 2023 तक वार्डवार-विधानसभावार आयोजित विकास यात्रा के दौरान निगम द्वारा 232 कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन करने की योजना है। हर विधानसभा की यात्रा उसके सभी वार्डों से होकर गुजरेगी।
छह माह में कई बार आयुक्त व निगम के अफसरों से नाराज रहे जनप्रतिनिधि नगर निगम परिषद के गठन के बाद पिछले छह माह में कई मौकों पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव व निगमायुक्त प्रतिभा पाल के बीच निगम अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर तल्खी सामने आ चुकी है। कई बैठकों में निगम पार्षदों व एमआइसी सदस्यों ने खुलकर निगम जोनल अफसर व विभागों के प्रमुख अफसरों द्वारा फोन न उठाने, योजनाओं की जानकारी न देने व वार्ड स्तर की योजनाओं की फाइलें लौटाने की बात कही। निगम परिषद की बैठक में एमआइसी मेंबर अभिषेक शर्मा भी निगम के अफसरों की मनमानी के मुद्दे को प्रमुखता से उठा चुके हैं। निगम के अफसरों की कार्यप्रणाली से नाराज महापौर पुष्यमित्र भार्गव सार्वजनिक मंच से कई बार निगम के अफसरों को अपना रवैया सुधारने की चेतावनी भी दे चुके हैं।

Related Articles

Back to top button