ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
उत्तरप्रदेश

प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक पर दर्ज होगा गबन का मुकदमा

बस्ती। मनरेगा जॉब कार्ड पर गलत तरीके से भुगतान के मामले में एसीजेएम (प्रथम) की अदालत ने प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक पर धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज करने का आदेश गौर पुलिस को दिया। गौर थाना क्षेत्र के सरदहा शुक्ल गांव निवासी लक्ष्मी कांत शुक्ला ने अधिवक्ता जितेंद्र कुमार मिश्रा के माध्यम से एसीजेएम (प्रथम) की अदालत में अर्जी दाखिल किया था।

अधिवक्ता ने न्यायाधीश अमित मिश्रा को बताया कि शिकायतकर्ता लक्ष्मीकांत व उनकी पत्नी उमादेवी मनरेगा में मजदूरी करके जीवन यापन करती हैं। गांव के प्रधान रामादेवी, सचिव और रोजगार सेवक मिलकर साजिश के तहत मस्टररोल पर शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी की 84 दिन की फर्जी उपस्थिति भरकर अज्ञात व्यक्ति के बैंक खाते में भुगतान ले लिया। भुगतान की गई धनराशि 17,892 रुपये है।

पीड़ित ने गौर पुलिस व एसपी से भी शिकायत किया था। साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने कहा कि मामला गंभीर प्रवृत्ति का है। इसकी विवेचना कराया जाना न्यायोचित होगा। उन्होंने गौर पुलिस का मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

Related Articles

Back to top button