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मध्यप्रदेश

सिर्फ नाम बदला, व्यवस्थाएं वही पुरानी, न बस की व्यवस्था, न गणवेश की

मुरैना के जौरा के CM राइज स्कूल में न बस की व्यवस्था है न और न ही गणवेश की। जब कि सरकार ने इसी सत्र से इस स्कूल को शुरु कर निजी विद्यालयों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया है। केवल कागजों में यह स्कूल CM राइज स्कूल में शामिल है लेकिन असल में यहां व्यवस्थाएं पुराने ढर्रे पर ही चल रही हैं। बता दें, कि मुरैना जिले में चार विद्यालयों की CM राइज स्कूल के रुप में नींव रखी गई है। इसमें जौरा का स्कूल शामिल है। इस स्कूल में अभी तक बस की व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिससे दूर-दराज से आने वाले छात्र ठंड में नहीं आ पा रहे हैं। दूसरी तरफ जो छात्र आ रहे हैं उनके पास वही पुराना गणवेश हैं जबकि नया किसी के पास नहीं हैं। कुछ छात्रों को छोड़ दिया जाए तो बाकी के छात्र बिना गणवेश में स्कूल आते हैं।ई-रिक्शा से आते छात्र-छात्राएंनहीं बदला गणवेशCM राइज करने पर गणवेश बदल जाता है लेकिन इस स्कूल में अभी तक गणवेश नहीं बदला गया है। गणवेश न बदलने से लगता ही नहीं है कि यह स्कूल सीएम राइज स्कूलों की संख्या में शुमार हो गया है।स्कूल में देरी से आते शिक्षकCM राइज स्कूल की जब मौके पर पहुंच कर पड़ताल की गई तो देखा कि उसमें शिक्षक ही देरी से स्कूल पहुंच रहे हैं। सुबह साड़े दस बजे तक स्कूल में केवल 7 शिक्षक ही थे, बाकी के शिक्षक स्कूल में पहुंचे ही नहीं। स्कूल में सीसी टीवी कैमरे लगे हैं जिसमें शिक्षकों के आने का समय आसानी से देखा जा सकता है।आने-जाने वालों की एन्ट्री करता स्कूल का गार्डजान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे छात्रयह भी मौके पर देखा गया कि स्कूल के छात्र जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं। जिस समय बच्चे स्कूल पहुंच रहे थे, इस समय सड़क पर कोई शिक्षक भी मौजूद नहीं था। इन अव्यस्थाओं के चलते सर्वसुविधायुक्त कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर खुलने वाले यह स्कूल उत्कृष्ट व मॉडल स्कूलों की तरह फेल होते नजर आ रहे हैं।एन्ट्री रजिस्टर9 बजे नहीं मिली स्पेशल क्लासCM राइज स्कूल में सुबह कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए अलग से स्पेशल क्लास लगाने की व्यवस्था है, लेकिन इस स्कूल में मौके पर जाकर जब देखा गया तो यह क्लास ही नहीं लगाई जा रही थी। यह स्पेशल क्लास सुबह 9 बजे लगाई जाती है जिसमें विज्ञान, अंग्रेजी व गणित के कमजोर छात्र-छात्राओं को अलग से पढ़ाने की व्यवस्था है। मौके पर केवल स्कूल का सफाई कर्मचारी के अलावा कोई नहीं मिला।सुबह स्कूल में होती सफाईऐसे तैयार होने थे CM राइज स्कूलCM राइज स्कूलों को बिल्कुल निजी व कान्वेंट स्कूल की तर्ज पर तैयार किया गया है। इनमें बॉयो टायलेट, स्मार्ट क्लासेस, खेल मैदान, कम्प्यूटर लैब, म्यूजिक रुम, स्वीमिंग पूल, कैफेटेरिया, हॉस्टल और बसों की सुविधा के साथ ही स्कूलों में सीसी टीवी की व्यवस्था भी करने का प्रावधान है, लेकिन यह सारी सुविधाएं तो दूर, विद्यालय में शिक्षक ही देरी से पहुंच रहे हैं।31.2 करोड़ में बनना है जौरा का CM राइज स्कूलजौरा स्थित सीएम राइज स्कूल का निर्माण 31.02 करोड़ में होना है। जिले के जौरा के अलावा सबलगढ़, अंबाह व गोठ के लिए 29 अक्टूबर को भूमिपूजन किया गया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 68 स्कूलों का वर्चुली शिलान्यास किया था। इसमें यह स्कूल भी शामिल थे। इसमें सबलगढ़, पहाड़गढ़, जौरा, अंबाह व गोठ के स्कूल मुख्य रुप से शामिल थे।

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