ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
दिल्ली NCR

Yes Bank: 466 करोड़ के मनी लॉड्रिंग मामले में राणाकपूर को मिली जमानत

 दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन ने राणा द्वारा दायर जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया।बता दें कि साल 2017 से 2019 की अवधि के दौरान गौतम थापर, मैसर्स अवंथा रियल्टी लिमिटेड, मेसर्स ऑयस्टर बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ विश्वासघात, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और डायवर्जन के लिए जालसाजी और जनता के धन की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए एक ईसीआईआर दर्ज की गई थी।इस धोखाधड़ी में यस बैंक को 466.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। एक ट्रायल कोर्ट ने राणा कपूर को इस मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया था। विशेष न्यायाधीश ने पाया था कि कपूर के खिलाफ आरोप गंभीर थे। हालांकि अदालत ने 15 सह-आरोपियों को जमानत दे दी थी।

Related Articles

Back to top button