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मध्यप्रदेश

भिंड में 11 साल के मासूम की हत्या पिता है SAF जवान

भिंड के रहने वाले धीरेंद्र शर्मा के 11 साल के बेटे का शव बुधवार को घर से 100 मीटर दूर प्लॉट में मिला था। शव बोरी में बंद था। शर्मा छत्तीसगढ़ में SAF जवान‎ हैं। छुटि्टयों पर घर आए हुए हैं। उन्होंने हत्या का शक किसी नजदीकी पर ही जताया है। पहले मामले पर नजर... 11 साल के आर्यन का शव घर 100 मीटर दूर एक स्कूल के पीछे बोरी में बंद मिला था। स्कूल के पीछे बोरी में बंधे शव को‎ सबसे पहले पड़ोस में निर्माणाधीन मकान की तराई‎ कर रहे मजदूर केशव जाटव ने देखा। इसके बाद यह‎ सूचना पुलिस को मिली। 11 साल के आर्यन का शव घर 100 मीटर दूर एक स्कूल के पीछे बोरी में बंद मिला था। स्कूल के पीछे बोरी में बंधे शव को‎ सबसे पहले पड़ोस में निर्माणाधीन मकान की तराई‎ कर रहे मजदूर केशव जाटव ने देखा। इसके बाद यह‎ सूचना पुलिस को मिली। घर से तैयार होकर साइकिल चलाने निकला था... बोरी में बंद मिली लाश‎ धीरेंद्र शर्मा भिंड के श्रीराम नगर में रहते हैं। दो बेटे हैं वंश और आर्यन। बड़ा बेटा आर्यन 11 साल का था। शर्मा मंगलवार की सुबह पत्नी‎ प्रीती और छोटे बेटे वंश को लेकर अपने पैतृक गांव सपाड़ जाने की तैयारी‎ कर रहे थे। बड़ा बेटा आर्यन (11) सुबह 9 बजे घर से‎ साइकिल चलाने के लिए बाहर‎ निकला। 15 मिनट बाद ही धीरेंद्र बाहर गए तो बड़े बेटे की साइकिल तो घर के बाहर रखी मिली, लेकिन बेटा नहीं दिखा। उन्होंने मोहल्ले में‎ तलाश की। कुछ पता नहीं चला। दोपहर 1‎ बजे वे देहात थाना पहुंचे। बेटे‎ के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।‎ देहात टीआई विनोद सिंह‎ कुशवाह मौके पर पहुंचे। आसपास तलाश‎ की। सफलता नहीं मिली।‎ शाम 5 बजे SP शैलेंद्र सिंह‎ चौहान ने CSP निशा रेड्डी और‎ कोतवाली TI जितेंद्र मावई को‎ भी बच्चे की तलाश में उतार दिया।‎ देर रात तक जब कुछ सफलता ‎नहीं मिली, तो पुलिस ने श्रीराम नगर‎ में बने एक-एक मकान की तलाशी‎ लेने का निर्णय लिया। साथ ही‎ शहर के बाहर जाने वाले रास्तों पर हर आती-जाती गाड़ियों की चेकिंग शुरू कर दी। रात 2 बजे तक पुलिस ने‎ आर्यन को तलाश किया। बुधवार सुबह 8 बजे धीरेंद्र के‎ घर के सामने स्थित आरकेडी‎ सेंट्रल अकादमी स्कूल के पीछे‎ आर्यन की बोरी में बंद लाश मिली। बच्चे का शव मिलने के बाद पुलिस‎ ने उसका पीएम कराकर परिजन के‎ सुपुर्द कर दिया। परिवार के कुछ‎ लोग अंतिम संस्कार के लिए शव‎ लेकर गांव की ओर रवाना हो गए।, तभी कुछ लोगों ने पुलिस पर कोई‎ कार्रवाई न करने का आरोप लगाते‎ हुए ट्रैफिक जाम करने की बात‎ कही। मृत बच्चे के मौसा‎ नीतेश शर्मा ने उन्हें समझाया कि वे‎ पुलिस का सहयोग करें। उनके पास‎ कुछ क्लू हो तो बताएं, वे 50 हजार‎ रुपए इनाम देंगे। तब लोग शांत हुए।‎ बच्चे का शव मिलने के बाद पुलिस‎ ने उसका पीएम कराकर परिजन के‎ सुपुर्द कर दिया। परिवार के कुछ‎ लोग अंतिम संस्कार के लिए शव‎ लेकर गांव की ओर रवाना हो गए।, तभी कुछ लोगों ने पुलिस पर कोई‎ कार्रवाई न करने का आरोप लगाते‎ हुए ट्रैफिक जाम करने की बात‎ कही। मृत बच्चे के मौसा‎ नीतेश शर्मा ने उन्हें समझाया कि वे‎ पुलिस का सहयोग करें। उनके पास‎ कुछ क्लू हो तो बताएं, वे 50 हजार‎ रुपए इनाम देंगे। तब लोग शांत हुए।‎ आंख और कान पर चोट‎ के निशान‎ स्कूल के पीछे बोरी में बंधे शव को‎ सबसे पहले पड़ोस में निर्माणाधीन मकान की तराई‎ कर रहे मजदूर केशव जाटव ने देखा। इसके बाद यह‎ सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर‎ परिजन से शव की पहचान कराई। इसके बाद उसे‎ पीएम के लिए डेड हाउस भिजवाया। मृतक के मुंह में‎ कपड़ा ठूंसा हुआ था। आंख और कान‎ के पास चोट के निशान थे। SP शैलेंद्र सिंह चौहान‎ ने मौके पर पहुंचकर स्निफर डॉग, फॉरेंसिंक व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम‎ बुला ली। ASP कमलेश कुमार, CSP‎ निशा रेड्‌डी, देहात TI विनोद सिंह कुशवाह और‎ कोतवाली TI जितेंद्र मावई को बुलाकर पूरे इलाके की गहन तलाशी‎ करने के निर्देश दिए। पुलिस ने श्रीराम‎ नगर के एक-एक घर की तलाशी ली। स्निफर‎ डॉग की मदद से पुलिस को शव से 200 मीटर दूर बच्चे की चप्पल मिली। स्निफर डॉग बारबार चप्पल मिलने वाले स्थान से‎ स्कूल के पीछे के स्थान तक आ-जा रहा था। ऐसे में‎ पुलिस ने स्कूल खुलवाकर अंदर जांच की।‎ सूत्रों की मानें तो पुलिस की टीम को यहां से कुछ‎ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिससे पुलिस के शक की सुई‎ स्कूल संचालक पर घूम रही है। हालांकि पुलिस‎ अफसर अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।‎ पिता बोला, बेटा इतना डरता था कि मेन रोड पर भी नहीं जाता था उस दिन को याद कर पिता धीरेंद्र शर्मा की आंखें डबडबा गईं। रुंधे गले से कहा- हम लोग गांव जाने की तैयारी में थे। बेटे आर्यन ने पूछा- पापा किस-किसको गांव लेकर चलोगे? मैंने कहा- मैं, छोटा भाई, आपकी मम्मी गांव जा रहे हैं। आप दादा-दादी के साथ यहीं रहना। इसके बाद मैं नहाने के लिए चला गया। आर्यन खेलने के लिए बाहर निकल आया। हमारे घर ससुराल से दूध आता है। उस दिन भी मेरा साला दूध लेकर आया था। साला मेन रोड पर था, उसके फोन करने पर मैंने बेटे को तलाश, ताकि वो दूध ले आए, लेकिन वो नहीं दिखा। मेरा बेटा इतना डरता था कि रात 8 बजे ही गेट बंद कर लेता था। वो कभी भी अकेला मेन रोड पर नहीं जाता था। पूरे समय अपने घर पर ही रहता था। अनजान व्यक्तियों से दूर रहता था। मेरे परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। ऐसे में मेरे बेटे की हत्या का आरोपी कोई नजदीकी ही है। दो दिन पहले ही छुट्‌टी पर आए थे धीरेंद्र मूलत: सपाड़ (भिंड) के निवासी धीरेंद्र शर्मा छत्तीसगढ़ एसएएफ में हवलदार हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग 21वीं बटालियन भिलाई में चल रही है। वे घटना से दो दिन पहले ही 6 नवंबर को छुट्‌टी पर घर आए थे। श्रीराम नगर में उनकी पत्नी प्रीति अपनी सास पुष्पा उर्फ बिटोली के साथ रहकर दोनों बच्चों को पढ़ा रही हैं। मूलत: सपाड़ (भिंड) के निवासी धीरेंद्र शर्मा छत्तीसगढ़ एसएएफ में हवलदार हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग 21वीं बटालियन भिलाई में चल रही है। वे घटना से दो दिन पहले ही 6 नवंबर को छुट्‌टी पर घर आए थे। श्रीराम नगर में उनकी पत्नी प्रीति अपनी सास पुष्पा उर्फ बिटोली के साथ रहकर दोनों बच्चों को पढ़ा रही हैं

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