मध्यप्रदेश
मुरैना में पानी का संकट:बहराई के ग्रामीण एक किलोमीटर दूर से सिर पर बाल्टी रखकर ढोते हैं पानी
मुरैना चारों तरफ बियावान जंगल, पथरीला गिट्टी भरा रास्ता और सिर पर रखी पानी की बाल्टी। एक किलोमीटर दूर से सिर पर पानी ढोने की यह दास्तां है मुरैना जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर पहाड़गढ़ के निचली बहराई गांव की। यहां के लोग आज भी पीने से लेकर नहाने तक के लिए एक किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। गांव के पदम सिंह गुर्जर, मोहन गुर्जर व मीना गुर्जर सिर पर पानी की भरी बाल्टियां रखकर आ रहे थे। एक किलोमीटर दूर से पथरीले रास्ते से आ रहे उन लोगों को रोककर जब पूछा तो उनका अन्दर छिपा दर्द सामने आ गया। उन्होंने कहा कि दूर से सिर पर पानी ढोना अब उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। मीना गुर्जर ने बताया कि पिछले तीन साल से वह लगातार सिर पर रखकर पानी ला रही है। वहीं पर वह कपड़े धोती हैं। निचली बहराई गांव निचली बहराई गांव गर्मियों में विकराल हो जाती समस्या ऊपर बताया गया हाल दीपावली के दो दिन पहले का है। गर्मियों में वहां पानी की समस्या विकराल हो जाती है। एक तरफ पानी की खपत बढ़ जाती है वहीं दूसरी तरफ मई-जून की तपती गर्मी में एक किलोमीटर दूर से सिर पर पानी ढोना एक बड़ी चुनौती बन जाती है, लेकिन वे इस काम को करने को मजबूर हैं







