ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

झारखंड: नक्सलियों ने उड़ाया रेल ट्रैक, बड़ा हादसा टला, चक्रधरपुर मंडल में कई घंटे बाधित रही रेल सेवा

झारखंड: नक्सलियों ने उड़ाया रेल ट्रैक, बड़ा हादसा टला, चक्रधरपुर मंडल में कई घंटे बाधित रही रेल सेवा झारखंड: नक्सलियों ने उड़ाया रेल ट्रैक, बड़ा हादसा टला प्रेषित समय : रांची. झारखंड में रविवार 3 अगस्त की सुबह चक्रधरपुर रेलवे डिवीजन के करमपदा इलाके में नक्सलियों ने रेल पटरी को बम विस्फोट कर उड़ा दिया. घटना के बाद से इस रूट पर मालगाडिय़ों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया. गनीमत रही कि इस मार्ग पर यात्री ट्रेनें नहीं चलतीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया. मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना ओडिशा के रॉक्सी और रेंगड़ा रेलवे स्टेशन के बीच करमपदा-राउरकेला रेलखंड पर हुई. नक्सलियों ने शनिवार रात को पहले इस रेलखंड पर बैनर-पोस्टर लगाकर अपने मंसूबों का इशारा किया था. इसके बाद रविवार सुबह करीब 6 से 6:30 बजे के बीच उन्होंने आईईडी विस्फोट कर रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया. धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और विस्फोट के कारण रेल पटरी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे विभाग की टीम राहत और मरम्मत कार्य में जुट गई, वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया है. करमपदा और राउरकेला के बीच रेल यातायात को एहतियातन पूरी तरह रोक दिया गया है. इधर, नक्सलियों द्वारा बुलाए गए 24 घंटे के भारत बंद का असर भी क्षेत्र में देखा गया. चाईबासा और चक्रधरपुर शहरों को छोड़कर पश्चिमी सिंहभूम जिले के अन्य हिस्सों में बंद का आंशिक असर रहा. नक्सलियों ने झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ में बंद का आह्वान किया है, जो शनिवार रात 12 बजे से प्रभावी हुआ. बंद के समर्थन में नक्सलियों ने कई स्थानों पर पर्चे और पोस्टर भी छोड़े हैं, जिनमें पुलिसिया दमन के खिलाफ जन प्रतिरोध की अपील की गई है. इस घटनाक्रम को देखते हुए सभी रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड में रखा गया है. रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के चलते बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना नक्सली गतिविधियों की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button