ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए शिवराज सिंह ही क्यों ?

भारतीय जनता पार्टी में जितने भी बड़े चेहरे हैं, सबकी पहचान में कोई ना कोई एक बात ऐसी है जो NDA की सभी पार्टियों को स्वीकार नहीं होगी। अटल बिहारी वाजपेई के बाद केवल शिवराज सिंह चौहान ही अकेले ऐसे नेता हैं जिन्हें सभी पार्टियों यहां तक कि विपक्ष द्वारा भी स्वीकार किया जाएगा। लोकसभा चुनाव के दौरान और लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद भी कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की है। आज तक किसी भी पार्टी के किसी भी बड़े नेता ने शिवराज सिंह चौहान की राजनीति की आलोचना नहीं की है। यह एक बहुत बड़ा गुण है, जो उन्हें लोकसभा अध्यक्ष पद का दावेदार बनाता है। शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में 15 साल से ज्यादा सरकार चलाई। इस दौरान कई बार बड़ी विषम परिस्थितियों आई। सबने मान लिया था कि शिवराज सिंह या तो इस्तीफा दे देंगे या फिर उन्हें बदल दिया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। 2023 में जब स्थिति बनी तब भी शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता होने का प्रमाण दिया और खुशी-खुशी अपने परिवार को लेकर सीएम हाउस से बाहर निकल आए। इसलिए शिवराज सिंह चौहान इस्पात के लिए सर्वगुण संपन्न व्यक्ति हैं। शिवराज सिंह चौहान की खास बातें अपने विरोधियों का ईगो हर्ट नहीं करते। सबके साथ समान व्यवहार रखते हैं और सब अपनत्व का अनुभव करते हैं। सभी पार्टियों की विचारधारा का सम्मान करते हैं। विपक्ष के सभी दलों (ममता बनर्जी, मायावती और अरविंद केजरीवाल से भी) से बड़े अच्छे संबंध हैं। जो ठान लेते हैं वही करते हैं परंतु उनकी बातों और गतिविधियों में जिद और अहंकार दिखाई नहीं देता। यदि कोई गलती हो जाए तो उसे ठीक कर लेते हैं। यदि पार्टी का कोई नेता या सरकार का कोई मंत्री गलती कर दे तो उसे भी ठीक कर देते हैं। राजनीति में अटल जी का लोग सम्मान करते थे लेकिन शिवराज सिंह चौहान से परिवार वाला प्रेम करते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button