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लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए शिवराज सिंह ही क्यों ?
भारतीय जनता पार्टी में जितने भी बड़े चेहरे हैं, सबकी पहचान में कोई ना कोई एक बात ऐसी है जो NDA की सभी पार्टियों को स्वीकार नहीं होगी। अटल बिहारी वाजपेई के बाद केवल शिवराज सिंह चौहान ही अकेले ऐसे नेता हैं जिन्हें सभी पार्टियों यहां तक कि विपक्ष द्वारा भी स्वीकार किया जाएगा। लोकसभा चुनाव के दौरान और लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद भी कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की है। आज तक किसी भी पार्टी के किसी भी बड़े नेता ने शिवराज सिंह चौहान की राजनीति की आलोचना नहीं की है। यह एक बहुत बड़ा गुण है, जो उन्हें लोकसभा अध्यक्ष पद का दावेदार बनाता है। शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में 15 साल से ज्यादा सरकार चलाई। इस दौरान कई बार बड़ी विषम परिस्थितियों आई। सबने मान लिया था कि शिवराज सिंह या तो इस्तीफा दे देंगे या फिर उन्हें बदल दिया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। 2023 में जब स्थिति बनी तब भी शिवराज सिंह चौहान ने पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता होने का प्रमाण दिया और खुशी-खुशी अपने परिवार को लेकर सीएम हाउस से बाहर निकल आए। इसलिए शिवराज सिंह चौहान इस्पात के लिए सर्वगुण संपन्न व्यक्ति हैं। शिवराज सिंह चौहान की खास बातें अपने विरोधियों का ईगो हर्ट नहीं करते। सबके साथ समान व्यवहार रखते हैं और सब अपनत्व का अनुभव करते हैं। सभी पार्टियों की विचारधारा का सम्मान करते हैं। विपक्ष के सभी दलों (ममता बनर्जी, मायावती और अरविंद केजरीवाल से भी) से बड़े अच्छे संबंध हैं। जो ठान लेते हैं वही करते हैं परंतु उनकी बातों और गतिविधियों में जिद और अहंकार दिखाई नहीं देता। यदि कोई गलती हो जाए तो उसे ठीक कर लेते हैं। यदि पार्टी का कोई नेता या सरकार का कोई मंत्री गलती कर दे तो उसे भी ठीक कर देते हैं। राजनीति में अटल जी का लोग सम्मान करते थे लेकिन शिवराज सिंह चौहान से परिवार वाला प्रेम करते हैं।


