ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

MP में कैबिनेट का बड़ा फैसला, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का होगा विलय, जानिए क्या होगा फायदा..

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग का विलय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का विलय कर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा।

आपको बता दें कि अब प्रदेश के लोगों को इन दो विभागों के अलग-अलग चक्कर नहीं लगाने होंगे। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दोनों विभागों के विलय के संबंध में जानकारी दी है। कैलाश विजयवर्गीय ने बताया है कि इन दोनों विभागों को एक करने की अनुशंसा की जा चुकी थी। इस पर कैबिनेट में चर्चा होनी थी और चर्चा के बाद प्रस्ताव को पास कर दिया गया।

कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इस विलय के साथ विभागों के कार्य करने की क्षमता भी बढ़ेगी। इस में मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल के बीच अब तक जो समन्वय की स्थिति नहीं रहती थी अब वह हो सकेगी जिस से निश्चित तौर पर प्रदेश की जनता को इसका लाभ मिल सकेगा।

मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले से मेडिकल कॉलेज रूटीन चिकित्सा सेवाएं देने के साथ-साथ अब क्रिटिकल कंडीशन वाले मरीज जटिल ऑपरेशन और मेडिकल एजुकेशन का काम कर सकेंगे, शिशु मृत्यु दर ,मातृ मृत्यु दर की प्रभावी निगरानी भी हो सकेगी।

Related Articles

Back to top button