पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिलाध्यक्ष को जूते पहना गले से लगाया
अनूपपुर। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा के जिलाध्यक्ष को जूते पहना कर उनका संकल्प पूरा किया। जूत पहनाने के बाद जिलाध्यक्ष भावुक हो गए। उन्हें भावुक होता देख प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गले से लगा लिया। शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो एक्स हैंडल पर टवीट किया है, जिसमें वे जूते पहनाते नजर आए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो एक्स हैंडल पर टवीट किया
अनूपपुर के भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रामदास पुरी जी ने संकल्प लिया था कि जब तक प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी, तब तक वे जूते चप्पल नहीं पहनेंगे। प्रदेश में भाजपा की सरकार बन गयी और उनका संकल्प पूरा होने पर हमने उन्हें आज जूते धारण करवाये हैं। ऐसे समर्पित व कर्मठ कार्यकर्ता पर भाजपा को गर्व है और ऐसे ही कार्यकर्ता आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के संकल्प को भी पूरा करके अपने देश को भी समृद्ध और विकसित बनाने में योगदान देंगे। मैं रामदास जी को प्रणाम करता हूँ।
रामदास पुरी जैसे कार्यकर्ता पार्टी की शक्ति और पूंजी हैं…
अनूपपुर के भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रामदास पुरी जी ने संकल्प लिया था कि जब तक प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी, तब तक वे जूते चप्पल नहीं पहनेंगे।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बन गयी और उनका संकल्प पूरा होने पर हमने… pic.twitter.com/3Q50QThen3
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) December 23, 2023
मां नर्मदा का आशीर्वाद लेने आए थे पूर्व मुख्यमंत्री
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा चुनाव के पहले मां नर्मदा का आशीर्वाद लेने आए थे। चुनाव में मिली भारी जीत के बाद एक बार फिर वह अमरकंटक पहुंचे और मां नर्मदा की पूजा अर्चना की लेकिन इस बार श्री चौहान मुख्यमंत्री नहीं है।
दोबारा मां के चरणों में प्रणाम करने आऊंगा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा मैया की गोद में पला हूं, बड़ा हुआ हूं और मां की कृपा से लोक सेवा के काम किए हैं। मैं विधानसभा चुनाव के पहले भी यहां आया था और मां के चरणों में प्रार्थना की थी कि प्रदेश के विकास और जन कल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए और प्रधानमंत्री की योजनाओं को ठीक ढंग से क्रियान्वित करने के लिए मां भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने। भारी बहुमत से भाजपा की सरकार बनी है,तो मैं उस समय संकल्प किया था कि दोबारा मां के चरणों में प्रणाम करने आऊंगा।




