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मध्यप्रदेश

इंदौर में फिर मिला कोरोना मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने 15 दिन तक नहीं दी जानकारी

इंदौर। इंदौर सहित प्रदेश में कोरोना का लंबे समय से कोई मरीज नहीं मिला था, जिसे देखकर लग रहा था कि अब प्रदेश कोरोना मुक्त हो गया है। लेकिन हाल ही में इंदौर में कोरोना का एक नया मरीज सामने आया है। इसकी सूचना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि करीब एक वर्ष बाद यहा मरीज मिला है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर में भी एक बुजुर्ग कोरोना पाजिटिव आ चुका है।

अधिकारियों ने बताया कि 75 वर्षीय मरीज 24 नवंबर को कोविड पाजिटिव आया था। यह हरदा का रहने वाला है और यहां किसी काम से आया था। इस दौरान उन्हें सर्दी-खांसी हो गई तो निजी अस्पताल में डाक्टर को दिखाने गए थे। इस दौरान डाक्टरों ने जांच की तो पता चला कि उन्हें कोरोना है। इसके बाद वे होम आइसोलेशन में रहे और अब पूरी तरह ठीक हैं। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग को कोरोना पाजिटिव मरीज की जानकारी पहले से ही मिल गई थी, लेकिन उसने 15 दिनों से इसे किसी को नहीं बताया। जब बात बाहर आई तो कह रहे हैं कि मरीज पाया गया था।

अब तक मिल चुके दो लाख से अधिक मरीज

बता दें कि इंदौर में कोरोना के शुरुआती दिनों से ही मरीज मिलना शुरू हो गए थे। अब तक इंदौर में 2,12,861 कोरोना पाजिटिव आ चुके हैं। इनमें से 1472 लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है। वहीं 211389 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

कहीं नहीं हो रहा प्रोटोकाल का पालन

कोरोना के समय इंदौर में इतनी जान जाने के बाद भी अभी भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा किसी प्रोटोकाल का कोई पालन नहीं करवाया जा रहा है। शहर में बिना मास्क के फिर से लोग सड़कों पर घूमने लगे हैं। भीड़ भी शहर के लगभग सभी इलाकों में देखने को मिल रही है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब संक्रमण को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी भी अपराधियों की और विदेश जाने वाले लोगों का कोविड टेस्ट किया जा रहा है।

होम आइसोलेशन के बाद अब स्वस्थ

कोरोना का एक मरीज 24 नवंबर को मिला था, जो होम आइसोलेशन के बाद अब बिल्कुल स्वस्थ है। निजी अस्पताल में सर्दी-खांसी होने पर जांच करवाने गया था, इसी दौरान पाजिटिव आया था। – डा. अमित मालाकर, नोडल अधिकारी

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