पचोर में आधा दर्जन गायों को ट्रक ने कुचला सेवादार करवा रहे इलाज

पचोर/सारंगपुर। पचोर शहर से लेकर सारंगपुर शहर एवं ग्रामीण अंचलों में वाहनों की चपेट में आने से रोजाना गायें मर रही है। बीती रात पचोर में बोड़ा नाका पर ट्रक ने सड़क पर बैठी गायों को टक्कर मार दी, इसमें आधा दर्जन गायें घायल हो गई। इसी तरह कुछ दिनों पहले सारंगपुर बायपास पर भी एक गाय को अज्ञात वाहन ने रात्रि में टक्कर मार दी थी जिससें गाय की मौत हो गई थी।
इस साल जारी नहीं हुए आदेश
हर साल वर्षा का सीजन शुरू होते ही लोग गायों को खुला छोड देते हैं और वे सड़कों पर आ जाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए गायों को सड़क से हटाकर गोशाला में व्यवस्थित पहुंचाने और उनके रखरखाव के लिए कलेक्टर द्वारा आदेश जारी होते है। कलेक्टर के आदेश के बाद नगरीय क्षेत्रों में निकाय और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत कर्मी सड़क पर बैठी गायों को हटवाकर उनकी व्यवस्था करते थे। लेकिन इस बार कलेक्टर से निर्देश सार्वजनिक नहीं होने से न तो जनप्रतिनिधि और न ही शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों का इस ओर ध्यान है। इस कारण हो रही गायों की मौत से जन आक्रोश पनप रहा है।
फोरलेन पर सबसे ज्यादा चपेट में आती है गाये
सारंगपुर से लेकर पचोर के बीच रोजाना रात में कोई न कोई गायें दुर्घटना में मर रही है। फोरलेन में गायो को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। बीती रात पचोर के बोड़ा नाका पर ट्रक चालक की लापरवाही से हुई टक्कर में आधा दर्जन गायें घायल हो गई। उसके बाद स्थानीय गो सेवकों और स्वयंसेवी सेवादारों पहुंचकर उनकी मरहम पट्टी की। घटना के बाद नगर परिषद पचोर के सीएमओ हरिप्रसाद जाटव ने बताया कि नप कर्मी रोजाना गायें हटाने जा रहे है। लेकिन रात में फिर सड़कों पर आ जाती है इस कारण हादसे हो रहे है।
कलेक्टर द्वारा नपा सीएमओ, जनपद सीईओ को गायो को सड़कों से हटाकर गोशाला भेजने के लिए आदेश जारी किए है। हमने पचोर, सारंगपुर सीएमओ को पालन के लिए निर्देशित किया है। जनपद सीईओ को भी निर्देशित किया जा रहा है। –संजय उपाध्याय, एसडीएम, सारंगपुर