ब्रेकिंग
तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर खाकी की साठगांठ या लाचारी? डायल 112 के सामने से निकलते रहे रेत के ट्रैक्टर, एसपी की सख्ती पर 2 आरक्ष... उज्जैन में 11वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: लव जिहाद के आरोप पर हंगामा, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और अ... मुरैना मेडिकल स्टोरों पर औषधि प्रशासन की कार्रवाई तीन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित मुरैना कृष्ण टाउन कॉलोनी में तांडव: घर में घुसकर परिजनों से मारपीट और जान से मारने की खुली धमकी
मध्यप्रदेश

नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी मुंहबोले मामा को आजीवन कारावास 2 माह 8 दिन बाद आया कोर्ट का फैसला

धार। विशेष न्‍यायाधीश (पाक्‍सो) पंकजसिंह माहेश्‍वरी ने गुरुवार को 27 वर्षीय नीलेश पुत्र ओम प्रकाश पंवार निवासी जनता बैंक के पीछे सालोनी रोड देवास को दुष्कर्म के आरोप में पाक्‍सो एक्‍ट के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपित को अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई।

सहायक लोक अभियोजन अधिकारी अर्चना डांगी ने बताया कि पीड़‍िता की माता ने 27 मार्च 2023 को थाना पीथमपुर सेक्‍टर -1 में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसमें बताया था कि 26 मार्च रात्रि 9 बजे उसका मुंह बोला भाई निलेश उसके पास आया। निलेश ने उससे व उसके पति से बोला कि दीदी मैं और जीजा बच्‍चों को खाने की चीज दिलाकर लाते हैं।

रात्रि 10 बजे निलेश पीड़‍िता को लेकर उसके घर आया। तब पीड़ि‍ता रो रही थी जब उसने निलेश से कारण पूछा तो निलेश बोला कि बच्ची गिर गई है। इस बारे में जब पीड़‍िता से पूछा तो उसने बताया कि बोली कि निलेश मामा ने उसके साथ गंदा काम किया है ।

प्रकरण का अनुसंधान मनोज कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक ज्‍योति पटेल द्वारा किया गया। अभियोग पत्र 4 मई 2023 को न्‍यायालय धार में प्रस्‍तुत किया गया था। डीएनए रिपोर्ट सकारात्‍मक प्राप्‍त हुई।पीड़‍िता के कथनों से सहमत होकर प्रकरण को संदेह से परे प्रमाणित मानकर आरोपित को दंडित किया गया ।

न्‍यायालय ने अपने निर्णय में लिखा है कि – अभियुक्‍त द्वारा अवयस्‍क बालिका के साथ घिनौना कृत्‍य किया गया है। समाज में बच्चियों एवं महिलाओं के साथ इस प्रकार के अपराध में काफी बढोतरी हो चुकी है। इस प्रकार के अपराध समाज की नैतिकता को प्रभावित करते हैं। आरोपित के कृत्‍य को दृष्टिगत रखते हुए दंड के संबंध में आरोपित के प्रति उदारता बरती जाना न्‍यायोचित नहीं है।

मामले में शासन की ओर से पैरवी आरती अग्रवाल विशेष लोक अभियोजक ने की।

Related Articles

Back to top button