देव दीपावली पर सैकड़ों भक्तों ने लिया हिस्सा; गोमती मां की 11 वेदियों से पुजारी विधि विधान से उतारी महाआरती

लखनऊ: मां गोमती की 11 वेदियों से पुजारी विधि विधान से महाआरती हुई।मनकामेश्वर उपवन घाट गोमती किनारे देव दीपावली का भव्य आयोजन सोमवार को हुआ। इस बार घाट पर सवा लाख दीपों की रोशनी से जगमाने का लक्ष्य था लेकिन चार लाख के करीब दीप जल गए।कार्तिक पूर्णिमा आठ नवंबर को है, लेकिन चंद्रग्रहण पड़ने के नाते महाआरती का आयोजन सात नवंबर सोमवार की शाम किया गया।वाराणसी की तर्ज पर लखनऊ के मां गोमती की 11 वेदियों से पुजारी विधि विधान से महाआरती हुई।यहां पर दीपदान के साथ ही रंगोली, फूलों से वेदियां सजाई गई।मनकामेश्वर मठ मंदिर की महंत देव्या गिरि ने बताया कि गोमती तट मनकामेश्वर उपवन घाट पर यह आयोजन बीते आठ साल से हो रहा है।महंत देव्या गिरि ने बताया कि गोमती की स्वच्छता एवं जल संरक्षण के उद्देश्य से आठ साल पहले हर पूर्णिमा पर गोमती आरती का आयोजन किया जाता है। देव दीपावली के मौके पर भव्यता से मां गोमती की आरती की गई।देव दीपावली के अवसर पर मां गोमती के तट पर मनकामेश्वर उपवन में महापौर संयुक्ति भाटिया ने दीपदान कर महाआरती सम्मलित होकर में मां गोमती की आरती की।कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली पर देवता उसी स्थान पर मौजूद रहते हैं। इस दिन दीप प्रज्जवलन करने का विशेष महत्व रहा। श्रद्धालु भी हजारों की संख्या में पहुंचे।श्रद्धालु भी हजारों की संख्या में पहुंचे।श्रद्धालु महाआरती में शामिल नहीं हो पाए वह अपने घरों में देर शाम को देव दीपावली पर घी के दीप जरूर जलाने पहुंचे।महंत ने यह भी बताया कि इस बार आठ नवंबर को चंद्रग्रहण पड़ रहा है।कार्तिक पूर्णिमा आठ नवंबर को है, लेकिन चंद्रग्रहण पड़ने के नाते महाआरती का आयोजन सात नवंबर सोमवार की शाम किया गया। यहां पर दीपदान के साथ ही रंगोली, फूलों से वेदियां सजाई गई।सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति रश्मि चतुर्वेदी व अनुज डांस एकेडमी की ओर से किए गए। शहर में इसके अलावा भी कई संस्थाएं व मंदिर समितियां आयोजन किए गए।




