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मध्यप्रदेश

मोहन सरकार में मालवांचल भारी, उपमुख्यमंत्री देवड़ा समेत 9 को मिला प्रतिनिधित्व

भोपाल वर्ष 2020 में कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब 22 विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर मध्य प्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार बनवाई थी, तब ग्वालियर चंबल का दबदबा था। सर्वाधिक मंत्री इसी अंचल के होने से समूचे मध्य प्रदेश का भौगोलिक और राजनीतिक संतुलन बिगड़ गया था।

प्रद्युम्न सिंह तोमर, अरविंद भदौरिया, यशोधरा राजे सिंधिया, डा. नरोत्तम मिश्रा, भारत सिंह कुशवाहा, बृजेन्द्र सिंह यादव, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, सुरेश धाकड़ मंत्री हुआ करते थे, जबकि उपचुनाव हारने वाले गिरिराज सिंह दंडोतिया, एंदल सिंह कंसाना और इमरती देवी ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन, अब अंचल से चार मंत्री ही हैं।

उधर, मोहन सरकार में मालवांचल भारी है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी इसी अंचल से आते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह संख्या नौ हो गई है। इसमें कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हैं। इस बार मालवा-निमाड़ को ज्यादा जगह मिलने की बड़ी वजह यह भी है कि इस अंचल की 66 विधानसभा सीटों में से भाजपा 48 यानी 72 प्रतिशत सीटों पर जीती है। पिछली बार 27 पर ही भाजपा जीत पाई थी।

ग्वालियर-चंबल अंचल की 34 में से 18 यानी 53 प्रतिशत सीटें भाजपा के खाते में आई हैं। इसके अलावा मंत्रिमंडल में अंचलवार जातिगत समीकरणों को साधने के लिए भी इस क्षेत्र के कुछ चेहरों को शामिल करना पड़ा। सिंधिया खेमे से बड़ा चेहरा होने के चलते तुलसी सिलावट को भी इस अंचल से मंत्रिमंडल में लिया गया। हालांकि, अंचलवार भी पार्टी ने जातिगत संतुलन बनाने की कोशिश की है।

मालवांचल में लोकसभा की आठ सीटें हैं, इनके हिसाब से भी मंत्री बनाए गए हैं। उधर, ग्वालियर-चंबल अंचल से इस बार कांग्रेस से भाजपा में आए एंदल सिंह कंसाना को मंत्री बनाया गया है। वह एससी वर्ग से आते हैं। सामान्य वर्ग (ब्राह्मण) से राकेश शुक्ला, क्षत्रिय समाज से ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक प्रद्युम्न सिंह तोमर और ओबीसी वर्ग से आने वाले नारायण सिंह कुशवाह को जगह मिली है।

भाजपा के प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल का इस संबंध में कहना है कि अंचल के हिसाब से देखें तो ग्वालियर-चंबल का प्रतिनिधित्व कम लगता है, पर सीटों की संख्या के हिसाब से सभी क्षेत्रों को लगभग बराबर महत्व दिया गया है। मालवा-निमाड़ में 66 सीटें हैं, उसी अनुपात में प्रतिनिधित्व मिला है।

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