ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

बोर्ड परीक्षाओं के केंद्र बढ़े, पिछली साल से दो हजार कम छात्र देंगे परीक्षा

ग्वालियर। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित किए जाने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर पंजीकृत छात्रों के आधार पर ग्वालियर जिले में सेंटर निर्धारित कर दिए गए हैं। इस बार 10वीं और 12वीं के 50313 छात्र परीक्षा में शामिल होंगे, जिनके लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है, लेकिन पिछले साल की बोर्ड परीक्षाओं पर ध्यान दें तो उसकी तुलना में इस बार दो हजार कम छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। सरकार के तमाम प्रयासों के बाद छात्रों की संख्या कहीं न कहीं घट रही है। वर्ष 2023 में हुई बोर्ड परीक्षाओं में कुल मिलाकर 52453 छात्र शामिल हुए थे लेकिन वर्ष 2024 में होने वाली परीक्षा में यह आंकड़ा घटकर 50313 रह गया है, जिसमें सबसे अधिक कमी 12वीं के छात्रों की संख्या में आई है।

चार परीक्षा केंद्र भी जोड़े

परीक्षा केंद्रों की संख्या में भी इस बार बढ़त दर्ज की गई है, इसमें 4 नए केंद्र भी जोडे गए हैं जिसमें एक स्कूल डबरा का है शेष तीनों स्कूल ग्वालियर के हैं। यानि गुरूनानक स्कूल डबरा, आइडियल स्कूल विनय नगर, रानी अवंतीबाई स्कूल डीडी नगर और एसआइटीएम स्कूल ग्वालियर को नए परीक्षा केंद्रों में शामिल किए गए हैं।

पलायन भी जिम्मेदार

स्कूल शिक्षा को देखें तो ग्वालियर के आसपास के क्षेत्रों से जुड़े कई लोग ऐसे हैं जो बच्चों को शिक्षा के लिए ग्वालियर रह कर पढ़ाते हैं लेकिन किसी कारण वश अगर परीक्षाओं में सफलता नहीं मिली तो वह अपने शहर लौट जाते हैं और बच्चे का दाखिला वहीं किसी स्कूल में करवा देते हैं। इस प्रकार के छात्र बड़ी संख्या में ग्वालियर में हैं।

10वीं के बाद डिप्लोमा काेर्स

आंकडों को ध्यान से देखें तो पता चलता है कि 10वीं की अपेक्षा अधिक कमी 12वीं के छात्रों की संख्या में आई है। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें एक कारण यह भी हो सकता है जिसमें छात्रों के द्वारा 10वीं के बाद आइटीआइ, पोलिटेक्निक जैसे अन्य डिप्लोमा कोर्सेस का चयन कर लिया जाता है, इसके चलते भी छात्रों की संख्या में काफी असर पड़ सकता है।

निश्चित ही संख्या में फर्क आया है और छात्रों की स्थिति का आंकलन ऐसे में जरूरी है। छात्र रेगुलर से कम हुए हैं या प्राइवेट से यह भी देखना होगा। इस मामले की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी।

अजय कटियार, डीईओ

Related Articles

Back to top button