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मध्यप्रदेश

साड़ी के बाद बैग में उतरी बनारस की मनमोहक बुनकरी, हुनर हाट में बनी आकर्षण का केंद्र

भोपाल। बनारसी साड़ी के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन बनारसी सिल्क बैग के बारे में अभी कम लोगों ने ही सुना और देखा होगा। रेशम और जरी वर्क में कैरी, पीकाक, एलिफेंट आदि की आकर्षक डिजाइन के साथ बनारसी बुनकरों द्वारा बनाए जा रहे दस गुणा दस और 12 गुणा 12 के ये बैग देखने में आकर्षक और सामान रखने के साथ ही उपहार देने के लिए उपयुक्त हैं। इनका प्रदर्शन इन दिनों त्रिलंगा स्थित मप्र राज्य सहकारी संघ परिसर में पहली बार आयोजित गांधी शिल्प बाजार (सहकारी हुनर हाट) में किया जा रहा है। इन खूबसूरत बैग्स को देखकर लोग बरबस ठिठक जाते हैं और उनके मन में इनके बारे में जानने की उत्कंठा पैदा हो जाती है।

उपहार देने बनाए, लोगों को खूब पसंद आए

बनारसी साड़ी के साथ बैग लेकर आए अनस अंसारी ने बताया कि पिछली दिवाली पर लखनऊ के एक व्यापारी ने उपहार देने के लिए ऐसे बनाने का आर्डर दिया था। ये ईको फ्रें डली बैग पसंद किए गए कि हम साड़ियों के साथ बैग भी बनाने लगे। अब तो बनारस के कई बुनकर यह काम करने लगे हैं। एक बैग बनाने में पांच दिन का समय लगता है। ये आकर्षक बैग लोगों द्वारा खूब पसंद किए जा रहे हैं।

प्रख्यात कलाकारों का हुनर प्रदर्शित

मेले में बाग प्रिंट की लेडीज हाफ जैकेट भी खास है। मप्र राज्य सहकारी संघ मर्यादित, भोपाल द्वारा कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित गांधी शिल्प बाजार में संपूर्ण भारतवर्ष से करीब सौ शिल्पी अपनी कलात्मक वस्तुएं लेकर आए हैं। इनमें मधुबनी पेंटिंग में पुरस्कार विजेता अमिता देवी समेत कई कलाकार शामिल हैं।

लेडीज जैकेट में बाग प्रिंट

प्रदर्शनी में भोपाल के नर्मदा प्रसाद नामदेव हाफ जैकेट की श्रृंखला लेकर उपस्थित हुए हैं। उनके पास लेडिज बाग प्रिंट, पानीपत गर्म बूलन, जयपुर लेनिन, नार्मल और मोदी जैकेट मौजूद हैं। नामदेव ने बताया कि जैकेट बनाने का काम वे पिछले तीन साल से कर रहे हैं। उनके स्टाल पर बाग प्रिंट की लेडीज जैकेट खास है, जिसे दोनों तरफ से पहना जा सकता है। प्रिंटिंग का काम बाग के शिल्पी करते हैं, जबकि सिलाई भोपाल में होती है।

यह भी है खास

मेले में भागलपुरी सिल्क, सूट, साड़ी, कश्मीरी सिल्क, आसाम सिल्क, बनारसी सिल्क, लखनवी चिकन वर्क सूट, कोसा सिल्क, फुलकारी वर्क, बाम्बू फर्नीचर, पूना मेड कुशन, आगरा का मार्बल क्राफ्ट, सहारनपुर फर्नीचर, भदोही का कारपेट,कश्मीर की पश्मीना शाल, बटिक प्रिंट, दिल्ली की ज्वेलरी, पश्चिम बंगाल की जामदानी सिल्क साड़ियां एवं काथा वर्क, बुदनी के खिलौने आदि भी लोगों को लुभा रहे हैं।

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