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मध्यप्रदेश

ग्रामीणों ने किया ऐसा काम जो अधिकारी नहीं कर पाए

कटंगी । जिले की तिरोड़ी तहसील के ग्राम पंचायत महकेपार के ग्रामीणों ने चंदा जमा कर मुरम वाली एक किलोमीटर सड़क का निर्माण कर दिया। इस गांव में पिछले दस साल से एक किलोमीटर सड़क जर्जर हो गई थी। सड़क लोक निर्माण विभाग में आने की वजह से अनेक बार मांग करने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। इसके लिए अनेक बार पंचायत से भी मांग की गई।

अब लोगों को आने जाने में सहूलियत हो रही है

इस मार्ग पर शासकीय हाईस्कूल, बालक छात्रावास, कन्या छात्रावास और पंचायत कार्यालय है। ऐसे में वर्षा के दिनों में लोगों को आने जाने में परेशान होना पड़ रहा था। करीब 50 हजार रुपये चंदा जमा करके सड़क में 25 ट्राली मुरम डलवाकर उसे चलने लायक बना दिया। अब लोगों को आने जाने में सहूलियत हो रही है।

दस साल से सड़क बनाने के लिए मांग की जा रही थी

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दस साल से सड़क बनाने के लिए मांग की जा रही थी, लेकिन सड़क निर्माण नहीं होने से लोग परेशान हो रहे थे। इसके लिए गांव के 20 लोगों ने मिलकर चंदा एकत्रित किया और फिर सड़क का काम शुरू कर डाला। सड़क से डामर गायब हो चुका और नुकीली गिट्टियां उभरकर बाहर आ गई थी। जिस कारण हर दिन होने वाले सड़क हादसों से राहगीर और स्थानीयजन चोटिल हो रहे थे।

एक किलोमीटर की सड़क निर्माण करवा डाला गया

ऐसे में सरकारी इंतजाम की राह देखते-देखते थक चुके ग्रामीणों ने बदलाव की इबारत खुद लिखने की ठान ली और चंदा एकत्रित कर एक किलोमीटर की सड़क निर्माण करवा डाला गया। लोक निर्माण विभाग के अधीन आने वाली महकेपार की करीब एक किलोमीटर की मुख्य सड़क के निर्माण की मांग काफी लंबे समय से की जा रही थी। ग्रामीणों ने द्वारा विभागीय अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों को कई बार सड़क की हालत से अवगत करवाया गया।

सड़क स्वीकृत हो चुकी है और बजट का इंतजार है

विभागीय अधिकारी लगातार ग्रामीणों को यह आश्वासन देते रहे कि सड़क स्वीकृत हो चुकी है और बजट का इंतजार है नेताओं का भी कुछ ऐसा नहीं हाल रहा वह भी ग्रामीणों को आश्वासन ही देते रहे। लेकिन अब तक जब सड़क निर्माण नहीं हुआ तो गांव के जागरूकजनों ने मिलकर ही चंदा एकत्रित कर सड़क की मरम्मत यानी की निर्माण का कार्य करवा डाला। जिन जागरूक लोगों ने मिलकर सड़क का निर्माण करवाया है यह वाकई में शानदार पहल हो सकती है।

जनता त्रस्त जब इस तरह से कुछ लोगों को सामने आना पड़ता है

मूलभूत सुविधाओं में शामिल अच्छी सड़क, 24 घंटा बिजली, पीने का शुद्ध पानी, बेहतर स्वास्थ्य और अच्छी शिक्षा जैसी व्यवस्था प्रदान कराने की जिम्मेदारी सरकार की है। लेकिन जब सरकार इसमें नाकाम हो जाए और जनता त्रस्त जब इस तरह से कुछ लोगों को खुलकर सामने आना पड़ता है और अपने सार्मथ्य के मुताबिक सहयोग कर सड़क का निर्माण करवाना पड़ता है।

इन्होंने किया चंदा जमा

जानकारी के अनुसार महकेपार निवासी प्रेम नेवारे, मोरेश्वर वाघमारे, सुनील नाकोड़े, देवा देशमुख, देवा जैन, पुरन मासुरकर, शिवम गोस्वामी, गौरव अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, नीतु अग्रवाल, संजय गभने, डा. मजूमदार, ईश्वर देशमुख, अनिल सोनवाने, बंशी सोनवाने, जगदीश मासुरकर सहित जागरूकजनों ने चंदा एकत्रित कर सड़क का निर्माण करवाया है।बता दें कि जिस मुख्य सड़क का निर्माण ग्रामीणों के द्वारा चंदा एकत्रित कर किया है उस रास्ते शासकीय हाईस्कूल, बालक छात्रावास, कन्या छात्रावास और पंचायत कार्यालय है। ग्रामीणों के द्वारा पंचायत से कई बार सड़क की मरम्मत कराने की मांग की गई। लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधीन होने के कारण ग्राम पंचायत का इसमें हस्तक्षेप संभव नहीं था और पंचायत के पास बजट भी नहीं होने की जानकारी पंचायत के द्वारा ग्रामीणों को दी गई।

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