कांग्रेस की प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा- BJP के नेता नहीं लड़ना चाहते चुनाव, महिला विरोधी होने का लगाया आरोप
राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ रागिनी नायक ने शिवराज सरकार पर महिला विरोधी होने का आरोप भी लगाया। प्रदेश में मीडिया समन्वयक की भूमिका मिलने के बाद पहली पत्रकार वार्ता में उन्होंने तीन केंद्रीय मंत्रियों, सांसद और पार्टी महासचिव को चुनाव लड़ाए जाने पर कहा कि यह भाजपा का अंदरूनी मामला है। उसके बावजूद भी जिस तरह से सार्वजनिक बयानबाजी हो रही है, वह बताता है कि पार्टी में किसी तरह की घबराहट है। केदारनाथ शुक्ल का टिकट काटा गया, वे महिला नेता को लेकर जिस तरह की भाषा का उपयोग कर रहे हैं, वह आपत्तिजनक है पर भाजपा नेता मौन हैं।
150 से अधिक सीट जीतकर कांग्रेस बनाएगी सरकार
रागिनी नायक ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जन आक्रोश यात्रा में जिस तरह से जनता का आक्रोश सामने आ रहा है, उससे हम आशान्वित हैं कि इस बार 150 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएंगे। पार्टी में कलह के सवाल पर कहा कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पार्टी में कोई कलह नहीं बल्कि सामंजस्य है।
राजस्थान की सरकार पर शर्म आनी चाहिए
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि हमें रागिनी नायक जी, आपसे उम्मीद थी कि मध्य प्रदेश आई हैं तो कांग्रेसियों के उस महिला विरोधी चरित्र को जरूर उजागर करेंगी जो महिलाओं के प्रति कुत्सित, कुंठित और कलंकित मानसिकता रखते हैं। कमल नाथ जी महिला को आइटम कहते हैं तो दिग्विजय सिंह टंच माल।
कांग्रेस ने राजस्थान को बनाया रेपिस्थान
सज्जन सिंह वर्मा बच्चे पैदा करने की मशीन कहते हैं तो सुखदेव पांसे नाचने-गाने वाली, तरुण भनोत बेवकूफ महिला कहते हैं तो उमंग सिंघार महिला उत्पीड़न करते हैं। एक महिला होने के नाते क्या रागिनी नायक आपकी आत्मा नहीं जागती या केवल महिला हितैषी बनने का ढोंग करना आता है। इन नेताओं के साथ आपको शर्म तो राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर भी आनी चाहिए जिसने प्रदेश को रेपिस्थान बना दिया।




