जीएसटी ट्रिब्यूनल इंदौर लाने के लिए बनी एक्शन कमेटी
इंदौर। इंदौर में जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल को स्थापित करवाने के लिए कर सलाहकार, सीए, एडवोकेट जैसे पेशेवर और व्यापारी एक जाजम पर आ गए हैं। गुरुवार को एक बैठक में जीएसटी एक्शन कमेटी के गठन की घोषणा हुई। शहर के व्यापारी संगठनों के प्रमुखों के साथ कर सलाहकार संगठनों के विशेषज्ञ इस कमेटी में रखे गए हैं। कमेटी इंदौर में अपीलेट ट्रिब्यूनल की स्थापना को लेकर संघर्ष का शंखनाद करेगी।
माहेश्वरी भवन नौलखा में हुई बैठक में उद्योगपति, व्यापारी, कर सलाहकार, सीए एवं एडवोकेट का समावेश करते हुए जीएसटी एक्शन कमेटी का गठन हुआ। बैठक में व्यापारी व विशेषज्ञों ने कहा कि इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना नहीं होने के कारण इंदौर के व्यापारी, उद्योगपति एवं पेशेवरों को भारी समस्या होगी। कमेटी अब मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष इंदौर में जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना नहीं होने से आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी देगी और मांग किसी भी कीमत पर पूरी करवाई जाएगी कि इंदौर में ट्रिब्यूनल की बेंच बने।
खंडेलवाल होंगे कमेटी के अध्यक्ष
जीएसटी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष अहिल्या चैंबर के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल होंगे। मालवा चैंबर के अजीतसिंह नारंग और एसोसिएशन आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष योगेश मेहता को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी के महामंत्री मप्र टैक्स ला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन लखोटिया होंगे। कमेटी के संयोजक एडवोकेट अमित दवे और सहसचिव एके गौर होंगे। क्लाथ मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश मूंगड़ इस कमेटी में कोषाध्यक्ष होंगे।
18 सदस्यों की कार्यसमिति
सुशील सुरेका व गौतम कोठारी परामर्शदाता होंगे। इसके साथ ही 18 सदस्यों की कार्यसमिति बनाई गई है। इसमें रसनिधि गुप्ता, इसहाक चौधरी, सुरेश हरियानी, नरेंद्र बाफना, ईश्वर बाहेती, आमिर इंजीनियरिंग वाला, केदार हेडा, अनिल रांका, शैलेंद्र सोलंकी, संजय अग्रवाल, मोहम्मद पीठावाला, राजेश मिश्रा, महेश गुप्ता, शरद धींग, राजीव सिंघल, मकरंद शर्मा, राजेश बाहेती और मौसम राठी को रखा गया है। यह कमेटी 26 सितंबर को बैठक कर अगले कदम की घोषणा करेगी।




