संत हिरदाराम की कुटिया पर पाठ साहब शुरू, फूलों से सजेगी समाधि, गुरुवार को धूमधाम से मनेगा संतजी का अवतरण दिवस
संतजी ने हमेशा बच्चे, बूढ़े और बीमार की सेवा का संदेश दिया। संतजी के ब्रह्मलीन होने के बाद भी उनके संदेश को सार्थक करने का प्रयास उनके शिष्य कर रहे हैं। संतजी की कुटिया पर श्री सुखमनी साहब का संपट पाठ भी शुरू हुआ। इसका समापन गुरुवार को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में होगा। संतजी के उत्तराधिकारी संत सिद्धभाऊ उनके जीवन जीवन चरित्र पर प्रकाश डालेंगे।
सुबह खुलेंगे समाधि स्थल के पट
भजन-कीर्तन के बाद संतजी के समाधि स्थल सेवा-संकल्प धाम के पट खोले जाएंगे। श्रद्धालु सुबह छह से शाम छह बजे तक समाधि पर पुष्प अर्पित कर सकेंगे। समाधि स्थल को फूलों से सजाया जा रहा है। यहां गुरुवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कुटिया के बाहर स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। सभी की निश्शुल्क जांच की जाएगी। सेवा सदन में निश्शुल्क यूरालाजी शिविर लगाया जाएगा।
पूरे बैरागढ़ के लिए भंडारे की व्यवस्था
संत हिरदारामजी के अवतरण दिवस की खुशी में उनके शिष्यों ने 21 सितंबर को नवयुवक सभा भवन में पूरे बैरागढ़ के लिए भंडारे की व्यवस्था की है। सेवादार चंद्र चांदवानी के अनुसार भंडारा सुबह 10 बजे शुरू हो जाएगा।
देश-विदेश में होंगे कार्यक्रम
जीव सेवा संस्थान के सचिव महेश दयारामानी के अनुसार संतजी के अवतरण दिवस पर विदेशों में भी कई कार्यक्रम होंगे। अप्रवासी भारतीय शिष्य अपने शहर में ही सादगी से जयंती मनाएंगे। दयारामानी के मुताबिक दुबई, स्पेन, हांगकांग के अलावा मुंबई, जयपुर, अजमेर, मुंबई आदि शहरों में भी संतजी के शिष्य सेवा गतिविधियों कर अवतरण दिवस मनाएंगे। घरों में पांच दीप प्रज्जवलित किए जाएंगे।




