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मध्यप्रदेश

बारिश में जगह-जगह उखड़ी सड़कों में भरा पानी, गड्ढों में गिर रहे राहगीर

भोपाल । शहर में उखड़ी सड़कों में वर्षा का पानी भरा है, जिससे गड्ढे दिखाई नहीं देते। इन मार्गों से निकलना राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। यदि जिम्मेदार विभाग मानसून से पहले सड़कों की मरम्मत करा देते तो लोगों का सड़क के गढ्ढे और कीचड़ से सामना नहीं होता। लेकिन अधिकारी इस कदर लापरवाह हो गए हैं, कि बीते छह माह पहले जिन सड़कों का भूमिपूजन किया गया, अब तक उनका निर्माण कार्य भी नहीं शुरू हो पाया। इसकी शिकायत रहवासियों ने जनप्रतिनिधियों से की तो उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। ऐसे में रहवासी अपनी जान जोखिम में डालकर इन सड़कों से गुजरते हैं।

नहीं हो रही सड़कों की मरम्मत

बता दें कि भेल, कोलार, बैरागढ़, पुराने शहर व नर्मदापुरम सड़क समेत अन्य स्थानों की करीब 700 किलोमीटर सड़कें मानसून से पहले जर्जर थी। जबकि वर्षा की वजह से करीब 500 किलोमीटर की सड़के खराब हो गई। इनमें नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के साथ अन्य विभागों की सड़कें शामिल हैं। गोविंदुपरा विधानसभा क्षेत्र में बी सेक्टर पिपलानी से खजूरी कला जाने वाली मुख्य सड़क की लंबाई करीब छह किलोमीटर है। इसमें बी सेक्टर बस्ती, एसओएस बालग्राम, खजूरी कला समेत अन्य स्थानों पर छह से आठ फीट के गड्ढे हो गए हैं। रात में इनमें पानी भरा होने से सड़क के गड्ढे पता नहीं चलते, जिससे वाहन चालकों को सड़क हादसे का डर बना रहता है। यही हालत एसओएस से अवधपुरी जाने वाले मार्ग का है। इसी तरह भेल क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक कालोनियों में सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, लेकिन यहां ना तो सड़कों की मरम्मत की जा रही और ना ही इन गड्ढों को भरा जा रहा है।

गड्ढों व कीचड़ से कम होंगे स्वच्छ सर्वेक्षण में अंक

स्वच्छ सर्वेक्षण की केंद्रीय टीम शहर में है। वह विभिन्न क्षेत्रों में सफाई की हकीकत जानने के साथ उखड़ी सड़कों का निरीक्षण भी कर रही है। इनके फोटो खींचकर स्वच्छता के पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। सड़क के गड्ढे और उनमें भरा कीचड़ स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में भोपाल को पीछे कर सकते हैं।

कायाकल्प में बननी थी 30 करोड़ की सड़कें, नहीं शुरू हुआ काम

बता दें कि बीते छह माह पहले राज्य सरकार ने नगरीय निकायों की सड़क की मरम्मत व निर्माण कार्य के लिए राशि जारी की थी। इसमें नगर निगम भोपाल के लिए भी 30 करोड़ रुपये दिए गए थे। लेकिन छह माह का समय बीतने के बाद भी केवल इनके वर्क आर्डर जारी हुए और भूमिपूजन हुआ। लेकिन सड़क निर्माण नहीं शुरु हो सका।

इन सड़कों का शुरू नहीं हो पाया निर्माण

वार्ड क्रमांक 12 में सड़क निर्माण के लिए 64 लाख रुपये का वर्क आर्डर जारी किया गया, लेकिन ठेकेदार ने भूमिपूजन के बाद से अब तक निर्माण नहीं शुरु किया। इसी तरह वार्ड 44, 58, 59, 79,69,36, 38, 78, 75, 76 और 37 के साथ अन्य वार्डेा में काम होने हैं, लेकिन ठेकेदार का वर्क आर्डर जारी होने के बाद भी निर्माण शुरु नहीं हुआ।

इनका कहना

लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर में मानसून पूर्व उखड़ी सड़कों की मरम्मत कराई गई है। इसके साथ ही अन्य सड़कों के भी टेंडर हो गए हैं, वर्क आर्डर जारी होने के बाद भूमिपूजन भी हो गया। जल्द ही इनका निर्माण शुरू होगा।

– संजय मस्के, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी

नगर निगम की 80 प्रतिशत सड़कें बेहतर हैं, इनका कुछ माह पहले ही मरम्मत व संधारण का कार्य किया गया है। वर्षा में जिन सड़कों में गड्ढे हुए हैं, उनकी भी मरम्मत होनी है। टेंडर हो गए हैं, वर्षा रुकते ही निर्माण शुरू होगा।

– पीके जैन, मुख्य अभियंता, नगर निगम

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