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हरियाणा

करोड़ों की सरप्लस जमीन अपने चहेतों को दी, 29 जून को विजिलेंस ने केस किया था दर्ज

फतेहाबाद: फतेहाबाद में पूर्व एसडीएम को गिरफ्तार करके ले जाती विजिलेंस।हरियाणा के फतेहाबाद में विजिलेंस ने पूर्व एसडीएम सतबीर सिंह जांगू और पटवारी जगदीश चंद्र को गिरफ्तार किया। इन दोनों के अलावा 9 अन्य लोगों पर 29 जून को विजिलेंस ने केस दर्ज किया था। आरोप है कि एसडीएम व पटवारी ने गांव भूंदड़ा की करोड़ों रुपए की 223 कनाल सरप्लस जमीन पात्रों का न देकर अपने चहेतों के नाम करवा दी।जिन लोगों के नाम जमीन करवाई उन पर भी मुकदमा दर्ज किया है। मामले में जुलाई 2018 में जांच शुरू हुई थी। अब गिरफ्तारियां शुरू हो गई हैं। दर्ज एफआईआर के अनुसार, गांव भूंदड़ा की 498 कनाल 14 मरले जमीन में से 223 कनाल यानि 28 एकड़ जमीन को 1981 में सरकार ने सरप्लस घोषित कर दिया था।नियमानुसार 1971 से पहले गांव के बाशिंदे, जिनके नाम 2 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि ना हो उन्हें यह जमीन अलॉट की जानी थी. लेकिन जांच में सामने आया कि लगभग 11 करोड़ रुपए कीमत की यह जमीन मात्र 20 रुपए से कम कीमत पर पात्र लोगों को न देकर उन लोगों को जमीन दे दी गई जो या तो ज्यादा जमीन के मालिक थे या फिर इस गांव के बाशिंदे ही नहीं थे।आरोप है कि सविंद्र सिंह भूंदड़ा के नाम 19 कनाल 2 मरले जमीन दे दी गई। नछत्तर सिंह रसूलपुर का रहने वाला है, उसे भी 44 कनाल 7 मरले जमीन दी गई। हरमिंद्र सिंह भूंदड़ा को 3 कनाल 2 मरले, मोहन सिंह भूंदड़ा को 14 कनाल अलॉट कर दी गई। गुरमेल सिंह भूंदड़ा को 16 कनाल, प्यारा सिंह दिगोह को 66 कनाल 19 मरले, हरविंद्र सिंह भूना को 3 कनाल 16 मरले, मिट्ठू सिंह रसूलपुर को 39 कनाल 8 मरले और जगसीर सिंह को अपात्र होते हुए जमीन अलॉट कर दी गई।बता दें कि सतबीर सिंह जांगू अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि पटवारी अभी भी भट्टू क्षेत्र में तैनात है। विजिलेंस डीएसपी राकेश मलिक ने बताया कि सोर्स से विभाग को 2018 में इस मामले की जानकारी मिली थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई थी। जांच में आरोप सामने आने पर 29 जून 2022 को मामला दर्ज कर लिया गया था। शुक्रवार को मामले में दो आरोपी पूर्व एसडीएम सतबीर सिंह जांगू व तत्कालीन पटवारी जगदीश चंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।

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