ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

19 सितंबर को रवि योग में विराजेंगे गौरी पुत्र गणेश, इस मुहूर्त में करें स्‍थापना, मिलेगा लाभ

उज्जैन । भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर पार्थिव गणेश की स्थापना का उल्लेख धर्मशास्त्र में मिलता है। पंचांग की गणना के अनुसार देखें तो इस बार 19 सितंबर मंगलवार को चतुर्थी का पर्व काल मनाया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त में घर, प्रतिष्ठान व उद्याोगों में मंगलमूर्ति की स्थापना की जाएगी। मंगलवार के दिन चतुर्थी तिथि एवं स्वाति नक्षत्र तुला राशि के चंद्रमा की साक्षी में गणेश जी की स्थापना होगी इस दिन रवि योग भी रहेगा जो स्थापना के समय विशिष्ट लाभ देगा।

ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया धर्म शास्त्रीय मान्यता के अनुसार देखे तो भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन यदि रविवार या मंगलवार का हो, तो उस योग में चतुर्थी प्रशस्त मानी जाती है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें चतुर्थी से लेकर के चतुर्दशी तक का पुण्य फल विशेष रूप से प्राप्त होता है। इस योग में भूमि भवन संपत्ति वाहन से जुड़े सभी कार्य संपादित किये जा सकते हैं।

10 दिन में तीन सर्वार्थ सिद्धि योग

दस दिवसीय गणेश उत्सव के दौरान यदि सर्वार्थ सिद्धि योगों का संयोग बनता हो तो पर्व की शुभता बढ़ जाती है। इस बार दस दिन में तीन दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेंगे। इसके अंतर्गत मनोवांछित उपासना साधना तथा अलग-अलग प्रकार की गृह उपयोगी खरीदी की जा सकती है।

कब-कब है सर्वार्थ सिद्धि योग

-20 सितंबर बुधवार दोपहर 3:00 बजे से

-21 सितंबर गुरुवार दोपहर 3:00 बजे तक

-24 सितंबर रविवार दोपहर 1:45 से अगले दिन प्रात: काल तक विशेष।

पाताल वासिनी भद्रा देगी आर्थिक प्रगति

19 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर पाताल वासिनी भद्रा रहेगी। भद्रा के संबंध में अलग-अलग प्रकार की विचारधारा और मतांतर है। पौराणिक तथा धर्मशास्त्रीय अनुक्रम से देखें तो तुला राशि के चंद्रमा की भद्रा का वास पाताल लोक में होता है। शास्त्रीय अभिमत यह है कि पाताल वासिनी भद्रा धन कारक मानी जाती है, धन को देने वाली मानी जाती है इस दृष्टि से इसका कोई दोष नहीं।

Related Articles

Back to top button