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मध्यप्रदेश

नगर पालिका की मनमानी, लोगों से जबरन स्वच्छता का फीडबैक ले रहे कर्मचारी

सिरोंज। स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 के तहत नपा धरातल पर काम करने की बजाय जबरदस्ती लोगों से फीडबैक ले रही है। जिस नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी और परिषद को स्वच्छता में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए शहर के सभी वार्डों में पहुंचकर काम करना था। साफ सफाई के माध्यम से लोगों में जागरूकता पैदा करना था। इसके आधार पर फीडबैक लेना था। यह सब जरुरी काम छोड़कर नपा अधिकारी नगर पालिका कार्यालय के बाहर अवैध रूप से आम नागरिकों को रोककर रात्रि में करीब 9 बजे मोबाइल छीनकर लोगों से ओटीपी ले रहे हैं। जिसको लेकर शहर के वार्ड नंबर 10 निवासी राहुल मंगल ने थाने पहुंचकर दोपहर में एसडीओपी उमेश तिवारी को आवेदन देकर नपा कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

राहुल मंगल ने आवेदन में कहा है कि नपा अधिकारी कर्मचारी दादागिरी से आम नागरिकों को रोक रहे हैं और मोबाइल छीनकर जबरदस्ती स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत फीडबैक ले रहे हैं। उन्‍होने बताया कि रात्रि में करीब 9 बजे जब मैं किसी काम से बस स्टैंड जा रहा था तो नपा सीएमओ बालमुकुंद कुशवाह और अधिकारी, कर्मचारियों ने मुझे नपा कार्यालय के बाहर रोक लिया और जबरदस्ती मेरे मोबाइल में से ओटीपी लेने लगे। जब मैंने ओटीपी देने से मना किया तो इन लोगों ने जबरदस्ती मेरा मोबाइल छीन कर उसमें से ओटीपी निकाल ली और उनके अनुसार इन्होंने मेरे नाम पर गलत तरीके से फीडबैक दे दिया।

खुद ही फीडबैक दर्ज कर रहे नपाकर्मी

स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नियम अनुसार बाहर से आई टीम निरीक्षण करने के लिए आती है। वह पूरे शहर का भ्रमण कर निर्धारित किए गए पैमानों के आधार पर स्वच्छता का आंकलन करती है। इसके अलावा भी स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग में कई घटक होते हैं जिनके अलग-अलग अंक होते हैं। इनमें से सिटीजन फीडबैक भी काफी महत्वपूर्ण है। इसमें नगर पालिका की आबादी का 10 प्रतिशत लोगों को फीडबैक होना जरूरी है। इसके बाद मार्क्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि लोगों ने कैसा फीडबैक दिया है।

नगर पालिका कार्यालय के बाहर की सड़क से दिनभर लोगों का आना-जाना रहता है सबसे व्यस्ततम मार्ग है। इसी जगह पर दिन में कुछ प्राइवेट लोग और रात्रि में खुद प्रभारी सीएमओ और अन्य अधिकारी कर्मचारी सड़क पर खड़े होकर जबरदस्ती आने जाने वाले व्यक्ति से उसका नाम और मोबाइल नंबर पूछते हैं और फिर पूरा पॉजिटिव फीडबैक अपनी ओर से भर देते हैं। सामने वाले व्यक्ति को सिर्फ इतना बताया जाता है कि स्वच्छता का सर्वेक्षण चल रहा है आप तो अपना नंबर दो और जो ओटीपी आया है वह बता दो।

पिछली रैंकिंग में प्रदेश में फिसड्डी साबित होने के बाद अब नगर पालिका ने रैंक सुधारने का यह नायाब तरीका खोजा है। यहां से दनादन फीडबैक दिया जा रहा है, लेकिन जनता को पता ही नहीं है।

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा वीडियो

इंटरनेट मीडिया पर आम आदमी पार्टी ब्लाक अध्यक्ष रजत सक्सेना ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें नगर पालिका के प्रभारी सीएमओ बालमुकुंद कुशवाह और अन्य कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं जो लोगों को रोककर जबरदस्ती फीडबैक ले रहे हैं और लोगों से वीडियो बनाने पर मना करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि एक व्यक्ति फीडबैक देने से मना कर रहा है। बावजूद इसके जबरदस्ती यह लोग फीडबैक लेते दिखाई दे रहे हैं।

आम आदमी पार्टी नेता रजत सक्सेना का कहना है जिस नपा को वार्डों में पहुंच कर साफ सफाई करनी चाहिए और नियम अनुसार लोगों से फीडबैक लेना चाहिए। लेकिन यह लोग जबरदस्ती कागजों में फीडबैक ले रहे हैं, ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होना चाहिए।

स्वच्छता सर्वेक्षण एवं अन्य किसी भी प्रकार का कोई भी फीडबैक हो व्यक्ति स्वतंत्रता एवं संतुष्ट होकर अपनी मर्जी से देता है और यदि नपा अधिकारियों द्वारा गलत तरीके से फीडबैक लिया जा रहा है तो ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। -हर्षल चौधरी, एसडीएम, सिरोंज

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