ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में 100 रुपये की कपास खरीदी पर लगेगा 50 पैसे मंडी शुल्क

 भोपाल:  मध्‍य प्रदेश की मंडियों में सौ रुपये की कपास खरीदी पर अब केवल 50 पैसे मंडी शुल्क लगेगा। यह अभी तक डेढ़ रुपये लग रहा था।

शुल्‍क घटाने की मांग की थी कपास व्‍यापारियों ने

कपास व्यापारियों ने इसे घटाने की मांग की थी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट भी की थी। इसके बाद कैबिनेट में मंडी शुल्क करने का निर्णय लिया गया। अब कृषि विभाग ने अधिसूचना जारी की है। यह व्यवस्था 31 मार्च 2024 तक लागू रहेगी।

पूर्व सांसद कृष्णमुरारी मोघे ने सीएम को लिखा था पत्र

कपास व्यापारी मंडी शुल्क कम करने की मांग कर रहे थे। पूर्व सांसद कृष्णमुरारी मोघे ने इसको लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया था कि गुजरात में 25 पैसे और महाराष्ट्र में 50 पैसे ही मंडी शुल्क लिया जाता है। मध्य प्रदेश में अधिक दर होने का असर कारोबार पर पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने मंडी शुल्क में कमी करने का निर्णय लिया

इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंडी शुल्क में कमी करने का निर्णय लिया था। श‍िवराज कैबिनेट में निर्णय होने के बाद अब कृषि विभाग ने अधिसूचना जारी की है। इसमें प्रत्येक सौ रुपये पर डेढ़ रुपये के स्थान पर पचास पैसे ही शुल्क लिया जाएगा। अन्य अधिसूचित उपज पर मंडी शुल्क की दरें वही रहेंगी। यह व्यवस्था 31 मार्च 2024 तक लागू रहेगी।

Related Articles

Back to top button