ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

मासूम बेटी को श्वान ने नोंचा जनसुनवाई में मां ने कलेक्टर से मांगी मदद

भोपाल। सात साल की मासूम आयशा को बेसहारा श्वान ने नोंच लिया। बच्ची को लहुलुहान हालत में मां अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसका उपचार चल रहा है। बच्ची को हर दिन इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। जहां बच्ची की हालत स्थिर है। पीड़ित बच्ची की मां दीबा खान मंगलवार को कलेक्टर आशीष सिंह की जनसुनवाई में पहुंची, जहां उन्होंने आर्थिक मदद की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले की जांच सीएमएचओ डा. प्रभाकर तिवारी को सौंपी है। कलेक्टर आशीष सिंह ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे 150 से अधिक आवेदकों की समस्याएं सुनी। इस दौरान उन्होंने अति गंभीर बीमारी के चलते अलग-अलग 14 प्रकरणों में रेडक्रास मद से एक लाख 40 हजार की आर्थिक सहायता की है।

जानकारी के अनुसार बच्ची की मां ने बताया कि चार अगस्त को टोल वाली मस्जिद के पास बुधवारा में बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी बेसहारा श्वान ने उसके हाथ, पैर सहित अन्य जगहों पर काट लिया। घायल बच्ची को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। बच्ची की मां ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से बच्ची का उपचार कराने में दिक्कत आ रही है। इधर विदिशा रोड स्थित ग्राम अमोनी निवासी संजय मेहरा ने कलेक्टर को बताया कि उसका छोटा भाई दिलीप जन्म से ही मानसिक रूप से विकलांग है। उसे घर पर रस्सी से बांधकर रखना पड़ता है।उपचार के लिए उसके आधार की जरूरत है। ऐसे में घर पर ही मशीनें भेजकर उसका आधार बनवाया जाए। कलेक्टर ने इस मामले में विक्षिप्त को केंद्र तक लाने की बात कही है।

Related Articles

Back to top button