ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
टेक्नोलॉजी

फर्जी वेबसाइट से धोखाधड़ी के मामले 304 बढ़े रिपोर्ट में हुआ खुलासा

फेक वेबसाइट बनाकर धोखाधड़ी में वृद्धि हुई है। डिजिटल रिस्क ट्रेंड्स 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक फर्जी वेबसाइटों की संख्या हर वर्ष 304% बढ़ रही है। साथ ही ऐसी वेबसाइटों के माध्यम से फ्रॉड के प्रकारों में भी बढ़ोतरी हुई है।

फर्जी वेबसाइटों को लेकर स्थिति क्या है?

ग्रुप आईबी ने हाल ही में डिजिटल रिस्क ट्रेंड 2023 रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक, संगठनों या कंपनियों के नाम पर फेक वेबसाइट बनाने के मामलों में 304% की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा फिशिंग और धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली वेबसाइटों में 62% की वृद्धि हुई है। कंपनियों के नाम पर बनाई गई फर्जी वेबसाइटों की संख्या 2022 में 162% बढ़ गई।

फेक वेबसाइटों का इस्तेमाल कैसे किया जाता है?

साइबर फ्रॉड के लिए नकली वेबसाइटों का इस्तेमाल किया जाता है। फिशिंग धोखाधड़ी का एक पुराना रूप है। समय के साथ अपराधियों ने अपने काम करने के तरीके में बदलाव किए हैं। टेलीफोन के जरिए ठगी कपने वाले जालसाज फर्जी लिंक भेजकर लोगों को चूना लगे रहे हैं। इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर ठगा जा रहा है।

साइबर धोखाधड़ी के मामले में क्या करें?

साइबर अपराधी फोन कॉल करके लोगों के बैंक अकाउंट की जानकारी मांगते है। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए साइबर पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 1930 लॉन्च किया। इस हेल्पलाइन के जरिए पुलिस एक करोड़ से ज्यादा की रकम धोखाधड़ी से बचाने में सफल रही है।

यह ईमेल फिशिंग, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, केवाईसी अपडेट, ओटीपी और सेक्सटॉर्शन जैसे किसी भी धोखाधड़ी के मामलों में लूटी गई रकम है। इस साल साइबर अपराधियों द्वारा लूटे गए पैसों को साइबर पुलिस ने फ्रीज कर दिया। स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Related Articles

Back to top button