ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

अटैचमेंट रद के आदेश का पालन नहीं करने पर इंदौर सीएमएचओ का सात दिन का वेतन काटा

इंदौर। सभी डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का अटैचमेंट रद करने के आदेश का पालन नहीं होने से नाराज इंदौर कलेक्टर इलैया राजा टी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा. बीएस सैत्या को कारण बताओ नोटिस जारी करने और उनका सात दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने मरीजों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के किसी भी अन्य विभाग या किसी भी कार्यालय में सभी अटैचमेंट को तत्काल प्रभाव से रद करने का आदेश दिया था, लेकिन सीएमएचओ ने पालन नहीं किया।

हाल ही में एक बैठक के दौरान इंदौर कलेक्टर ने सीएमएचओ से अटैचमेंट तुरंत रद करने और उन्हें इसके लिए प्रमाण पत्र भी जारी करने को कहा था। इस बीच, सीएमएचओ डा. सैत्या ने कहा था कि वे तत्काल प्रभाव से अटैचमेंट रद कर रहे हैं। बता दें कि डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ सहित लगभग 15-20 स्टाफ सदस्य हैं, जिन्हें विभिन्न कारणों से विभिन्न विभागों से जोड़ा जा रहा है। मामले में डा. सैत्या का कहना है कि हमने उनके अटैचमेंट रद कर दिए हैं।

डाक्टरों की सुविधाओं के हिसाब से किया अटैच

सूत्रों के अनुसार, सीएमएचओ ने डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का अटैचमेंट सुविधाओं के हिसाब से किया है। कई स्टाफ को उनके घर के पास तो किसी को जहां ज्यादा काम नहीं रहता वहां अटैच किया हुआ है। इससे अस्पतालों में कई बार मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं यह बात भी सामने आ रही है कि कर्मचारियों को कुछ प्रमुख लोगों या जन प्रतिनिधियों के घरों सहित विभिन्न स्थानों पर लगाया गया है।

हर बैठक में सीएमएचओ को लगती है फटकार

कलेक्टर कार्यालय में होने वाली सभी बैठकों में सीएमएचओ डा. सैत्या को फटकार लगाई जाती है, क्योंकि कई बार वे कलेक्टर के आदेश का भी पालन नहीं करते हैं। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली भी इसके चलते शक के घेरे में आती है। कई बार सीएम हेल्पलाइन की शिकायत, पीड़ितों की मदद न करने को लेकर भी फटकार लगाई जा चुकी है। कई बार सीएमएचओ को कारण बताओ नोटिस भी मिल चुके हैं।

Related Articles

Back to top button