ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में बरपा पिंक आई फ्लू का कहर 17 छात्र हुए संक्रमित

छत्तीसगढ़ के बालोद के ब्लॉक मुख्यालय में स्थित संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पिंक आई फ्लू यानी कंजंक्टिवाइटिस (conjunctivitis) संक्रमण फैल गया है। मिली जानकारी अनुसार रविवार को विद्यालय के दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के 17 छात्रों ने सुबह-सुबह बालक आवासीय परिसर के वार्डन दशरथ लाल साहू को बताया कल शनिवार की रात से हम सभी बच्चों की आंखों में खुजली और दर्द हो रहा है। जिसके बाद तत्काल वार्डन यादव ने संक्रमण से प्रभावित बच्चों को काला चश्मा लगाकर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए भेजा। डॉक्टर हिमांशु बंजारी ने सभी संक्रमित बच्चों का प्राथमिक उपचार कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, आंखों को नहीं रगड़ने, समय पर आंखों में दवाई डालने के दिशा निर्देश देकर स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस के माध्यम से वापस एकलव्य आवासीय परिसर भेज दिया गया।

गौरतलब है कि वर्तमान समय में ये आई फ्लू की यह बीमारी पूरे छ्त्तीसगढ़ राज्य सहित बालोद जिले और डौंडी ब्लॉक में बड़ी तेजी से फैल रही है। हालांकि इस बीमारी से मरीजों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है किंतु इसके फैलने की तेज रफ्तार से भय का माहौल है। इस संक्रमण से आंखों में खुजली, जलन और आंखों से पानी आता रहता और आंखे सूज जाती है। डाक्टरों के अनुसार मौसम के बदलने और हवा में नमी के कारण ये रोग पनपता है, और सामान्यत सात से पंद्रह दिन के भीतर संक्रमित व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाता है। इस रोग से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सिर्फ सावधानी और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर इस संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है।

संक्रमित हुए बालकों के नाम

लोमेश, रोहन, अभिनव, गुलशन, तेजराम, भावेश, यशकुमार, वेद प्रकाश, अभिनव कुमार, आमेश्वर, रोहनकुमार, कृष, तीर्थराज, वरुण, गुप्तेष, विक्रम, ओमेंद्र आदि।

आई फ्लू के लक्षण

आंखों में खुजली होना, लगातार पानी आना, दर्द होना, आंखों में सूजन, आंखों का रंग गुलाबी या लाल होना।

बचाव के तरीके

डॉक्टर के परामर्श अनुसार दवा का सेवन, लगातार आंखों में पानी के छींटे मारते रहना, आंखों को साफ कपड़े से पोंछना, चश्मा पहनकर रहना, साफ सफाई का ख्याल रखना और सबसे जरूरी संक्रमित व्यक्ति को 2 से 3 दिन तक स्वस्थ लोगों से अलग रखना।

एकलव्य बालक छात्रावास डौंडी वार्डन दशरथ लाल यादव का कहना है रविवार की सुबह बच्चों के द्वारा बताया गया कि कल रात से उनकी आंखों में जलन और खुजली हो रही है और सूजन के साथ साथ दर्द भी हो रहा है, जिसके बाद सभी संक्रमित छात्रों को तत्काल डौंडी के स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जहां से डॉक्टरों ने सभी का इलाज कर, दवाई देकर वापस भेज दिया।

डौंडी मेडिकल ऑफिसर डा. हिमांशु बंजारी का कहना है कि रविवार की सुबह 10 बजे के आसपास जानकारी आई कि एकलव्य स्कूल के कुछ बच्चों में आई फ्लू का संक्रमण फैल गया है और लगभग 17 बच्चे इससे संक्रमित होकर अस्पताल इलाज हेतु आए है। जिसके बाद तत्काल उनका प्राथमिक उपचार कर वापस भेज दिया गया, सभी छात्रों की स्थिति सामान्य है। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र से एक टीम भेजकर तत्काल एकलव्य स्कूल आंखों के चेकअप हेतु कैंप लगाया गया और आंखों की जांच की गई। संक्रमित बच्चों को कुछ दिनों के लिए अलग रखने की व्यवस्था के लिए स्कूल प्रबंधन को कहा गया है ।

Related Articles

Back to top button