दूसरों के बारे में हमेशा अच्छा सोचिए यही है खुशियों का पासपर्ड
बिलासपुर। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी का कहना है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हो। आप अपने लक्ष्य से न डिगें और न ही हटें। अपना स्वभाव और सोच को सकारात्मक रखकर चलें। इन परिस्थितियों में भी दृढ़ निश्चयी की भूमिका निभाएं। ऐसी परिस्थिति आए तो विचलित न हों। हमेशा दुआएं देते रहें। हमारा अपना चुनाव सदा खुश रहने और खुशमिजाज बने रहना होना चाहिए। निंदा दूसरों की पसंद हो सकती है। ऐसी पसंद से आप दूर ही रहें। अगर ऐसा आपने कर लिया तो खुशियां हरदम कदम चूमती रहेगी। यही तो खुशियों का पासवर्ड है। जिसे आप हमेशा अपने साथ और पास रख सकते हैं। या यूं कहें कि यह हमेशा आपके साथ ही रहेगा।
शिवानी दीदी कहती हैं कि जिन खुशियों की तलाश में हम बाहर भटकते हैं दरअसल वह आत्मा के निजी संस्कार है। हम अपने मूल स्वरूप आत्मा को भूल जाते हैं और तेरे-मेरे के फेर में दूसरों को दुख का कारण समझ लेते हैं। वे कहती हैं कि सदा खुश रहने का मंत्र है, मुझे क्या सोचना है यह मुझ पर निर्भर करता है। संकल्प से सृष्टि बनती है। अगर हमारे मन से सबके लिए दुआएं ही निकले तो इस कलयुग को सतयुग बनते देर नहीं लगेगी।
नहीं तो दोषारोपण और पर निंदा के चलते घोर कलयुग बन ही गया है। अगर नहीं तो ऐसी प्रवृति से देर नहीं लगेगी। जब वे मंच से इस तरह की बातें बोल रही थी तो मंच से नीचे बैठी भीड़ शांत चित्त होकर उनकी बातों को सुन रही थी। जैसे-जैसे वे अपनी बातों को सामने रखती जा रही थीं लोगों की भाव भंगिमा भी उसी अंदाज में बदल रही थी।
लोग उनकी बातों को न केवल गंभीरता के साथ सुन रहे थे वरन आत्मसात भी कर रहे थे। लोगों के सुनने और समझने के हाव भाव को देखते हुए शिवानी दीदी ने जोर देकर कहा कि जब अगली बार आऊं तो यह हाल खाली मिलना चाहिए क्योंकि आज जो खुशियों का पासवर्ड मिला उसके बाद दुख का संस्कार खत्म हो जाना चाहिए।
अगली बार समय निकालकर आइए
कार्यक्रम का कुशल संचालन टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू ने किया। उन्होंने शिवानी दीदी से आग्रह किया कि इस अल्प प्रवास से मन नहीं भरा इसलिए अगली बार पूरा दिन बिलासपुर के लिए अवश्य निकालें। 1:15 बजे शिवानी दीदी रायपुर के लिये प्रस्थान किया। इस कार्यक्रम को सुनने बिलासपुर व आसपास के गावों के अलावा रायगढ़, बरगढ, कोरबा, खरसिया से काफी लोग आए थे। मंजू दीदी ने सभा को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
इन्होंने किया स्वागत
शिवानी दीदी के साथ रायपुर से जोन प्रभारी ब्रह्माकुमारी हेमा दीदी इंदौर, वरिष्ठ शिक्षिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी भिलाई साथ थीं। मुख्य द्वार पर शिवानी दीदी का स्वागत कोरबा प्रभारी ब्रह्माकुमारी रूकमणी दीदी व शुभम विहार सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने किया। मंच पर शिवानी दीदी का स्वागत पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, विधायक शैलेष पांडेय, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, अटल यूनिवर्सिटी के कुलपति एडीएन वाजपेयी, एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी जयंत कुमार खमारी, डीआरएम प्रवीण पांडे, डीआइजी भवानीशंकरनाथ, अजय श्रीवास्तव, पातंजलि योग की राज्य प्रभारी जया मिश्रा, आर्ट आफ लिविंग के प्रीतपाल सिंह, किरणपाल चावला, गायत्री परिवार की बहन नन्दिनी पाटनवार, छत्तीसगढ़ योग आयोग के रवीन्द्र सिंह, प्रयास एड के विनोद पांडे व ममता पांडे, राष्ट्रीय सेवक संघ से डा. विनोद तिवारी, राधास्वामी सत्संग व्यास एवं सिंधी समाज से सतीश लालचंदानी व प्रेस क्लब बिलासपुर समेत अन्य उपस्थित थे।
पुलिस अधीक्षक सिंह को शिवानी दीदी ने भेंट किया स्मृति चिन्ह
पुलिस अधीक्षक संतोष सिह को निजात अभियान की सफलता के लिए शिवानी दीदी द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। कोरबा ग्रुप से राजेंद्र जायसवाल, भगवती अग्रवाल, ममता गुप्ता ब्रह्माकुमारी, रूखमणी दीदी द्वारा शिवानी दीदी को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। अतिविशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किय गया। इंदौर जोन प्रभारी ब्रह्माकुमारी हेमा दीदी ने स्वागत उद्बोधन मे कहा कि आज सर्व सुविधाएं होते हुए भी मनुष्य के जीवन मे खुशी नहीं है। शिवानी दीदी खुशियों का पासवर्ड बताने यहां आयी हैं।




