ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

छत्तीसगढ़ में है एशिया का सबसे बड़ा संगीत विश्वविद्यालय पढ़ने आते हैं विदेशी छात्र सरकार ने किया विस्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में स्थित एशिया के सबसे बड़े संगीत विश्वविद्यालय का राज्य सरकार ने विस्तार कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर रायपुर में आफ कैंपस सेंटर (अध्ययन केंद्र) खुलने जा रहा है। यह छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के पुराने भवन पेंशनबाड़ा में खुलेगा। आफ कैंपस सेंटर खोलने के लिए विश्वविद्यालय की कुलपति मोक्षदा चंद्राकर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। कुलपति के पत्र पर मुख्यमंत्री ने सहमति दी है। रायपुर में आफ कैंपस सेंटर के साथ दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर में भी इसी वर्ष संगीत कालेज खोलने की अनुमति मिली है। इन संस्थाओं को संचालित करने के लिए वित्त विभाग ने 91 पदों को स्वीकृत किया है।

यह होगा फायदा

नए संगीत के कालेज और अध्ययन केंद्र खुलने से अभ्यर्थियों को खैरागढ़ तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। संगीत के क्षेत्र में नए कालेज खुलने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति का विकास हो सकेगा। प्रत्येक कालेजों में कम से कम 60 -60 सीटें बढ़ जाएंगी। इससे दाखिले के अवसर भी बढ़ेंगे।

71 विदेशी छात्रों ने इस साल किया आवेदन

प्रदेश के संगीत विश्वविद्यालय में श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, मारीशस, रूस, नेपाल व अन्य विदेशों के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस वर्ष विदेश से 71 आवेदन आए हैं। गौरतलब है कि खैरागढ़ का इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय एशिया के उन कुछ चुनिंदा संस्थानों में से है जो संगीत और कला के लिएपूरी तरह समर्पित है। यह एशिया का पहला ऐसा संस्थान है। जो कला और संगीत में उच्च शिक्षा देने के लिए स्थापित किया गया।

1956 में रखी गई थी विश्वविद्यालय की नींव

खैरागढ़ आजादी से पहले एक छोटी-सी स्वतंत्र रियासत थी। जहां के राजा बीरेंद्र बहादुर सिंह और रानी पद्मावती ने ही 1956 में इस विश्वविद्यालय की नींव रखी थी। इसकी स्थापना के लिए उन्होंने अपना राजभवन दान किया था। आज भी विश्वविद्यालय का कामकाज इसी भवन में होता है। इस विश्वविद्यालय में देश-विदेश की विद्यार्थी अध्यनरत है।

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय कुलपति मोक्षदा चंद्राकर ने कहा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संगीत को महत्व दिया है। यही कारण है कि उन्होंने विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए चार संगीत के नए कालेज और एक अध्ययन केंद्र खोलने की अनुमति दी है। ये संस्थान इसी सत्र से शुरू हो जाएंगे।

प्रदेश में इसी सत्र से खुलेंगे संगीत के ये संस्थान

संस्थान का नाम स्वीकृत पद इसी वर्ष से कोर्स

1- आफ कैंपस सेंटर (अध्ययन केंद्र), रायपुर 19 संगीत में डिप्लोमा कोर्स

2- नवीन शासकीय संगीत कालेज, सरगुजा 18 संगीत में डिग्री कोर्स

3- नवीन शासकीय कालेज जगदलपुर, बस्तर 18 संगीत में डिग्री कोर्स

4- नवीन शासकीय कालेज, बिलासपुर 18 संगीत में डिग्री कोर्स

5- नवीन शासकीय कालेज, दुर्ग 18 संगीत में डिग्री कोर्स

Related Articles

Back to top button