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मध्यप्रदेश

स्व-सहायता समूहों की जेडी ने पूरी की जांच अब फंसेंगे नेता-ठेकेदार

ग्वालियर। आंगनबाड़ी में बच्चों को खाने की सप्लाई का काम संभालने वाले स्व-सहायता समूहों की जांच पूरी हो गई है। इसमें अब नेता-ठेकेदारों पर गाज गिरेगी। इस जांच के दायरे में शहरी क्षेत्र के 100 से ज्यादा स्व-सहायता समूह शामिल हैं। इस जांच में शामिल हर स्व सहायता समूहों की एक-एक महिला की जांच की गई है जिसमें अध्यक्ष-सचिव और सदस्यों के आधार कार्ड, समग्र आइडी का सत्यापन किया गया है। पोर्टल पर एंट्री की भी जांच की गई है। इस पूरे मामले में नेता और अफसरों के कमीशन के खेल का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद यह जांच शुरू हुई थी, जिसमें सभी परियोजना अधिकारियों को आदेश जारी किए गए थे। ग्वालियर संभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर के पास यह जांच है, जिसकी रिपोर्ट संभवत: अगले सप्ताह सौंप दी जाएगी।

नईदुनिया ने बच्चों के निवाले पर हावी नेता-अफसरों के कमीशन के खेल का पर्दाफाश किया था कि आंगनबाड़ी में खाने की सप्लाई का काम करने वाले स्व सहायता समूहों के पीछे नेता व अफसरों का गठजोड़ है। नेता सहित कई लोग आंगनबाड़ी के सैकड़ों समूह चला रहे हैं और जनपद सदस्य बरई ने आन रिकार्डिंग बताया था कि समूहों का पूरा सिस्टम सेट है, सुपरवाइजर व परियोजना अधिकारी के पास एक-एक हजार रुपये प्रति आंगनबाड़ी जाता है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक मार्च 2023 को नईदुनिया में प्रकाशित समाचार का हवाला देते हुए आदेश जारी किया। आदेश में कहा कि शहरी आजीविका मिशन में पंजीकृत कार्यरत स्व सहायता समूह में जांच सत्यापन के समय पाई गई महिलाओं के नाम सही हैं या नहीं या फिर बदल गए हैं, और पोर्टल पर दर्ज हैं या नहीं, यह जांच किया जाना है। समूह की सक्रिय महिलाओं के आधार कार्ड, वोटर कार्ड व समग्र आइडी साथ लाकर जांच कराएं, जिससे प्रतिवेदन भेजा जा सके।

महिला एक, नाम कई समूहों में डाल दिए

स्व सहायता समूहों में अध्यक्ष और सचिव मिलाकर समूह में कुल 10 महिलाएं होना चाहिए, लेकिन अध्यक्ष सचिव के नाम छोड़कर एक ही महिलाओं के नाम सैकड़ों समूहों में डाल दिए गए हैं। जिनके नाम पर स्व सहायता समूह चल रहे हैं, उन्हें पता तक नहीं है कि वे स्व सहायता समूह में पदाधिकारी हैं या सदस्य। खुद नईदुनिया ने समूहों के अध्यक्ष व सचिव से बात की तो उन्होंने सुनील जैन का नाम बताया, जिन्होंने हर माह राशि देने का भरोसा दिया था।

स्व सहायता समूहों की जांच पूरी कर ली गई है। सभी परियोजना अधिकारियों को आदेश जारी किए गए थे। यह जांच रिपोर्ट कुछ ही दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों को सबमिट कर दी जाएगी, इसके बाद प्राप्त निर्देशानुसार कार्रवाई होगी।

– सीमा शर्मा, ज्वाइंट डायरेक्टर, महिला एवं बाल विकास विभाग

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