ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

बुढ़ापा Pension लेने वालों के लिए अजीब-गरीब फरमान, अब देने होंगे ये Certificate

अमृतसर: एकतरफ जहां 600 यूनिट मुफ्त बिजली व अन्य योजनाओं को सफलतापूर्व लागू करके मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार वाहवाही बटौर रही है तो वहीं सामाजिक सुरक्षा, स्त्रि व बाल विकास विभाग ने नई बुढ़ापा पैंशन लगवाने के लिए एक अजीबोगरीब फरमान जारी कर दिया है।

जानकारी के अनुसार सरकार की तरफ से पिछले सप्ताह जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार अब बुढ़ापा पैंशन लगवाने के लिए बुजुर्गों को एक के बजाय दो प्रूफ लगाने के निर्देश दिए हैं। पहले प्रूफ में आधार कार्ड या वोटर कार्ड के साथ साथ दूसरे प्रूफ के तौर पर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, मैट्रीकुलेशन सर्टिफिकेट या कंपिटेंट अथॉरिटी की तरफ से जारी बर्थ सर्टिफिकेट लगाना जरुर कर दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा विभाग की तरफ से जारी इस नोटिफिकेशन के बाद सेवा केन्द्रों में बुढ़ापा पैंशन के लिए आवेदन देने आए बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि ज्यादातर बुजुर्गों के पास आधार कार्ड या वोटर कार्ड तो हैं, लेकिन स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, मैट्रीकुलेशन सर्टिफिकेट या बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है। जो बुजुर्ग किसी सरकारी नौकरी से सेवा मुक्त हुए हैं या फिर पढ़े लिखे हैं उनको पास तो दूसरे प्रूफ के सर्टिफिकेट हैं लेकिन जो पढ़े लिखे नहीं हैं, वह कहां जाएं इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

अमृतसर जिले में 1.50 लाख बुढ़ापा पैंशन धारक
बुढ़ापा
 पैंशन के मामले में जिला अमृतसर की बात करें तो पता चलता है कि जिले में इस समय 1.50 लाख के लगभग बुढ़ापा पैंशन धारक हैं, जो सरकार की तरफ से दी गई पैंशन का लाभ ले रहे हैं। पूर्व सरकारों के कार्यकाल के दौरान सिफारिशी लोगों की पैंशन लग जाती थी और एक ही प्रूफ, जिसमें आधार कार्ड या वोटर कार्ड पर कौंसलर या सरपंच की मुहर लगने पर पैंशन लग जाती थी।

2017 में बुढ़ापा पैंशन स्कैंडल में काटी गई 8 हजार पैंशन्स
बुढ़ापा
 पैंशन के केस में एक स्कैडल भी हुआ, जिसका खुलासा सरकार की तरफ से वर्ष 2017 में किया गया और अकेले अमृतसर जिले में ही 8 हजार के लगभग लोगों की बुढ़ापा पैंशन काट दी गई। ज्यादातर केसों में लोगों ने अपने गलत दस्तावेज दिखाकर और नेताओें की सिफारिशों पर पैंशन लगवाई हुई थी, जिसको काट दिया गया और रिकवरी करने की भी प्रयास किया गया, लेकिन एक भी रिकवरी नहीं हुई और न ही जिला सामाजिक सुरक्षा विभाग की तरफ से किसी पर कानूनी कार्रवाई की गई मामला पैंशन काटने तक ही सीमित रह गया और बाद में ठंडे बस्ते में पड़ गया।

आप के विधायकों व डीसी ने भी सरकार को चेताया
बुढ़ापा
 पैंशन के नए नोटिफिकेशन के तहत आ रही परेशानियों के संबंध में जिले के कई विधायकों व डी.सी. की तरफ से भी सरकार को चेताया गया है और इसमें पुर्नविचार करने के लिए अपील की गई है।

रीकंसीडर करने के लिए लिखा गया है विभाग को
विभाग
 की तरफ से जारी नोटिफिकेशन को रीकंसीडर करने के लिए लिखा गया है, क्योंकि नए नोटिफिकेशन के तहत बुजुर्ग लोगों को दूसरे प्रूफ, जिसमें स्कूललीविंग सर्टिफिकेट, बर्थ सर्टिफिकेट व मैट्रीकुलेशन सर्टिफिकेट लेने में परेशानी आ रही है।

Related Articles

Back to top button