ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
धार्मिक

दुर्घटना से बचना है तो वाहन में हमेशा लगाएं ये रत्न

 रत्न ज्योतिष में अलग-अलग रत्नों के अलग-अलग प्रभाव बताएं गए हैं। लग्न कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर किसी भी जातक को रत्न धारण करने का सुझाव दिया जाता है। ग्रहों की स्थिति के आधार पर ही रत्नों के शुभ व अशुभ प्रभाव होते हैं। यहां आपको एमेथिस्ट रत्न के बारे में बता रहे है, जिसके धारण करने के साथ ही आप अपने वाहन में भी रख सकते हैं।

वाहन दुर्घटना से बचाता है एमेथिस्ट

ज्योतिष मान्यता है कि एमेथिस्ट रत्न वाहन दुर्घटना की आशंका कम कर देता है। एमेथिस्ट पिरामिड को कार के स्टीयरिंग व स्कूटर के हैंडल पर लगा देने से यह दुर्घटनाओं से रक्षा करता है। अच्छे परिणामों के लिए एक माला या कुंडल गले में धारण कर सकते हैं।

दाम्पत्य सुख के लिए एमेथिस्ट

एमेथिस्ट धारण करने से सुखी दाम्पत्य-जीवन प्राप्त होता है। दम्पत्ति को चरित्र- गठन में सहायता करता है। इसे धारण करने से व्यक्ति का नैतिक पतन नहीं होता है। मन में दुर्भावनाएं कम करता है। कामवासना का दमन करता है। सेक्स सम्बन्धी रुचि जाग्रत करता है। एमेथिस्ट को पानी में रखकर पीने से नपुंसकता दूर होती है।

रक्तचाप की रामबाण औषधि है एमेथिस्ट

यदि रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति एमेथिस्ट की माला, पेंडल व हाथ में ब्रेसलेट धारण करता है तो उसे 10-12 दिनों में निश्चित ही रक्तचाप को नियमित करने में काफी मदद मिलती है। हृदय रोग होने की संभावना भी कम हो जाती है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button