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मध्यप्रदेश

नगर निगम की नर्सरी में गाड़ियों से निकाला जा रहा डीजल वीडियो वायरल

भोपाल। नगर निगम की पुराने मछली घर के पास स्थित नर्सरी में डीजल चोरी का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक कर्मचारी निगम की गाड़ी से डीजल निकालकर कुप्‍पे में भरता नजर आ रहा है। इस तरह डीजल चोरी कर बेचा जा रहा है। यही नहीं, डीजल चोरी के अलावा निगम के अस्थायी कर्मियों द्वारा यहां रखे डस्टबिन तोड़कर इन्हें कबाड़ में बेचने की खबरें भी आई है।

दरअसल इंटरनेट मीडिया पर यह वीडियो आरटीआइ कार्यकर्ता प्रदीप खंडेलवाल ने उपलब्ध कराया। खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि यह काम एएचओ झील राजेश कुरील की मिलीभगत से हो रहा है। कुरील द्वारा इसके जरिए रोजाना डीजल बेचकर मोटी कमाई की जा रही है। उन्‍होंने इस संबंध में निगमायुक्त केवीएस चौधरी को वीडियो उपलब्ध कराते हुए शिकायत की बात भी कही है।

बता दें कि इससे पहले भी नगर निगम की गाडिय़ों से डीजल चोरी के वीडियो आए है जिसके बाद कार्रवाई की गई है। इसके अलावा निगम ने इस चोरी से बचने के लिए कई सारी गाडियों को डीजल की बजाए सीएनजी में परिवर्तित किया है।

उधर झील संरक्षण विभाग में कार्यरत ललित विजयवर्गीय इन गाडिय़ों के इंडेन वितरित करता है। सूत्र बताते है कि प्रत्येक इंडेन बुक जारी करने पर 300 रूपए ललित विजयवर्गीय को दिए जाते है। इसके बाद ही ड्रायवर को डीजल लेने के लिए इंडेन जारी होता है।

किलोल पार्क नर्सरी में भी होती है डीजल चोरी

उधर, मछली घर के अलावा किलोल पार्क स्थित नर्सरी में भी झील संरक्षण की बड़ी गाडिय़ों से डीजल चोरी करने के आरोप लगे है। कर्मचारियों का एक धड़ा नाम न छापने की शर्त पर बताता है कि शहर के सेंट्रल वर्ज पर लगे पौधों को पानी का छिड़काव करने के लिए जो ट्रालिया या टेंकर संचालित किए जा रहे है, उनके द्वारा भी हेरफेर किया जा रहा है। दरअसल इन टेंकरों को दिन में दो बार छिड़काव के लिए भेजा जाता है लेकिन ये टेंकर दिन में दो बार पानी देने की बजाए दो दिन में एक बार पानी देते हैं। इसके बदले बचे हुए डीजल को बेच दिया जाता है।

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