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जबलपुर में ISIS के बड़े नेटवर्क का खुलासा, गिरफ्तार तीन आरोपियों को भोपाल की NIA कोर्ट में पेश कर 7 दिन का रिमांड लिया।

जबलपुर में NIA व ATS की टीम ने दबिश के बाद 13 लोगों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की. जिसमें सैयद ममूर अलीए मोहम्मद आदिल खान व मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार कर एनआईए की टीम भोपाल ले गई. जहां पर एनआईए की कोर्ट में पेश कर तीनों को सात दिन की रिमांड पर लिया गया है. देर रात NIA की टीम ने 13 स्थानों पर दबिश दी. दबिश के दौरान भारी मात्रा में धारदार हथियार, गोला-बारुद, आपत्तिजनक दस्तावेज सहित अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद किए है. खबर है कि जांच में जुटी NIA की टीम को करीब 9 माह पहले मोहम्मद आदिल के नाम का पता चला कि वह ISIS समर्थक गतिविधियों में जुटा है. इसके बाद उसपर 24 मई को मामला दर्ज किया गया. आदिल पर उसके सहयोगियों पर यह आरोप है कि वे सोशल मीडिया के साथ जमीनी दावा कार्यक्रमों के माध्यम से आईएसआईएस के प्रचार-प्रसार में शामिल है. यहां तक कि स्थानीय मस्जिदों व घरों में बैठक कर देश में आंतक फैलाने की साजिश रच रहा है. जांच टीम को यह जानकारी भी लगी कि तीनों आरोप कट्टरपंथी है, हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के मंसूबे भी रखते है. वे आईएसआईएस प्रचार सामग्री का प्रसार करने, युवा वर्ग को इस ओर प्रेरित करने, वारदातों को अंजाम देने के इरादे से गोला, बारुद व हथियार खरीदने के प्रयासों में भी जुटे रहे. इसी तरह सैय्यद मामूर अली ने फिसबिल्लाह नाम से एक वाट्सएप गु्रप भी बनाया है. वह अवैध हथियार सप्लाई करने वाले कारोबारियों के संपर्क में भी रहा, ताकि अपने व अपने साथियों के साथ पिस्तौल खरीद सके. गौरतलब है कि एनआईए की टीम ने शहर के सिविल लाइन दो दो स्थान, ओमती व अधारताल क्षेत्र में दबिश दी, यहां तक कि अधिकारियों ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रज्जाक से जुड़े होने के संदेह में एक कबाड़ी के घर भी दबिश दी है. इस दौरान ओमती से लेकर घंटाघर के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया था, लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई थी. चर्चाओं में यह बात भी सामने आई है कि एनआईए की टीम ने मोहम्मद शाहिद व मोहम्मद बिलाल को भी हिरासत में लिया था, लेकिन मां द्वारा बताया कि बिलाल चार साल से मानसिक रुप से बीमार है, उसकी मेडिकल रिपोर्ट भी दिखाई गई. इसके बाद बिलाल को छोड़ दिया. गौरतलब है कि बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन जमात उल मुजाहिदीन से जुड़े भोपाल टेरर फंडिग मामले 25 मई को उत्तर प्रदेश में दो जगह भी छापेमारी की थी. इसके बाद जबलपुर में एनआईए की टीम ने दबिश दी. दबिश में एक दर्जन आईपीएस अधिकारी, 200 से अधिक पुलिस कर्मी शामिल थे. गौरतलब है कि एनआईए की टीम ने एमपी के बड़वानी, सिवनी, भिंड व खंडवा आदि में दबिश देकर संदिग्धों को पकड़ा था. उनसे सघन पूछताछ भी की गईए जिसके बाद विदेशी फंडिंग व हथियारों से जुड़े कई इनपुट हाथ लगे. जानकारों का कहना है कि इसी आधार पर एनआईए ने कार्रवाई की. एनआईए की टीम ने भोपाल से भी पिछले वर्ष चार आंतकियों को गिरफ्तार किया था, पकड़े गए संदिग्ध प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन, बांग्लादेश के सदस्य रहे. जो भोपाल में रहकर आतंकी गतिविधियों के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे.

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