चैरिटेबल ट्रस्टों को राहत आयकर की मान्यता हासिल करने की तारीख बढ़ी
इंदौर। सरकार और आयकर के सख्त रुख से सहमे ट्रस्टों को कागजी औपचारिकता पूरी करने के लिए एक मौका मिल गया है। सेंट्रल बोर्ड आफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) ने ट्रस्टों के पंजीयन से लेकर नवीनीकरण और स्टेटमेंट फाइल करने तक की अवधि को बढ़ा दिया है।
बीते दिनों में ऐसे ट्रस्ट, जिनके रिटर्न फार्म निरस्त हो गए थे और जो आयकर की छूट खोते दिख रहे थे, उन्हें भी राहत मिलती दिख रही है। सीबीडीटी ने अधिसूचना जारी कर कर पुराने पंजीकृत ट्रस्टों के लिए पंजीयन के नवीनीकरण की तारीख 30 सितंबर तक बढ़ा दी है। सीए एसएन गोयल के अनुसार, इन ट्रस्टों के लिए पहले यह तारीख 25 नवंबर 2022 थी। यानी छह महीने पहले तारीख खत्म हो चुकी है। अब इन्हें सितंबर तक का समय मिल गया है। नए ट्रस्टों के लिए पंजीयन की तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है।
आयकर छूट का लाभ नहीं मिलता
सीए सुनील पी. जैन के अनुसार, ट्रस्ट का पंजीयन नहीं होने पर उन्हें कई तरह के लाभ और कानूनी फायदे नहीं मिल पाते हैं। हर मान्यता प्राप्त ट्रस्ट को पांच वर्ष में पंजीयन का नवीनीकरण करवाना होता है। नए ट्रस्ट को काम शुरू करने के पहले प्रावधिक पंजीयन लेना होता है, जो तीन वर्ष तक मान्य होता है।
30 जून तक फाइल कर सकेंगे रिटर्न
धारा 80 जी में पंजीकृत ऐसे ट्रस्ट जिन्हें 31 मई तक अपना 10बीडी में स्टेटमेंट यानी रिटर्न फाइल करना था, वे अब 30 जून तक फाइल कर सकेंगे। यदि यह स्टेटमेंट फाइल नहीं होता तो संबंधित संस्था को दान करने वालों को आयकर की छूट नहीं मिलती। ट्रस्ट की आय के खर्च नहीं होने पर जमा होने वाले फार्म 9ए और 10 को भी फाइल करने की अवधि अब 31 अगस्त से बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई है।




