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मध्यप्रदेश

नए शहर में फुटपाथ को लगा अतिक्रमण का ग्रहण पैदल चलने वालों को नहीं मिलती जगह

भोपाल। नगर निगम के अमले ने फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के खिलाफ भले ही बुधवार को कार्रवाई की है लेकिन नए शहर के ज्यादातर क्षेत्रों में फुटपाथ कब्जे में जकड़ रहे हैं। ये लोगों के चलने के लिए नहीं बचे हैं। कहीं चाय की गुमठी चल रही है तो कहीं स्थायी दुकानें तन चुकी है। स्थिति यह है कि पुराने मार्गों के फुटपाथ अतिक्रमण से फुल हो चुके हैं, इन पर चलना तो दूर पैर रखने तक की जगह नही है। मजबूरी में लोगों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच अपनी जान हथेली पर रखकर सड़क पर चलना पड़ता है।

यहां हुआ कब्जा

करोंद चौराहे से लेकर लांबाखेड़ा तक बनाए गए मार्ग के दोनों तरफ फुटपाथ हैं। यहां निशातपुरा थाना के सामने से ही फुटपाथ पर अतिक्रमण शुरू हो जाता है और लांबाखेड़ा तक फुटपाथ पर कब्जे हो रहे हैं। इसके बावजूद भी जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यही हाल जेके रोड, आसिमा माल के सामने वाला मार्ग, कोलार, चूनाभट्टी, शाहपुरा, साकेत नगर, बागसेवनिया, लहारपुर, एम्स के आसपास, शाहपुरा, बावड़िया कलां आदि क्षेत्रों में बना हुआ है।

की जाती है अवैध वसूली

सूत्रों ने बताया कि नए फुटपाथ पर अतिक्रमण भी नगर निगम अधिकारियों की शह पर ही हो रहे हैं। यहां लगने वाले ठेलों, दुकानों से प्रतिदिन 30 रुपये, साप्‍ताहिक 100 रुपये और मासिक के हिसाब से 2000 रुपये तक वसूली की जाती है। इसका किसी के पास कोई रिकार्ड नहीं होता है। इसी वजह से इन पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती है।

सत्ता में बैठे कुछ लोग ही फुटपाथ पर कब्जा करवा रहे हैं। इन्हीं में से कुछ लोग वसूली करवाते हैं, फुटपाथ पर कब्जा कर किराये से दुकानें चलवा रहे हैं। छोटे लोगों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रहे हैं।

– शबिस्ता जकी, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम

सभी जोन अधिकारियों, अतिक्रमण प्रभारियों को फुटपाथ खाली कराने के लिए कहा है। आगे कब्जे हुए तो जवाबदारी तय करेंगे। नियमित रूप से फुटपाथ पर नजर रखी जाएगी।

– मालती राय, महापौर

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