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मध्यप्रदेश

तेज हवाओं के साथ बरसे बादल गिरे ओले जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

शहर में सोमवार की दोपहर अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ हुई बेमौसम वर्षा ने सब कुछ अस्त व्यवस्त कर दिया। दरअसल सुबह से ही आसमान में धूप छांव का खेल चल रहा था और दोपहर होते ही तेज हवा के साथ छाए काले बादलों ने जब बरसना शुरू किया तो पानी के साथ ओले भी गिरे। इसके अलावा बादल की गड़गड़ाहट होती रही जिसके चलते ऐसा लगा कि कई जगह आकाशीय बिजली भी गिरी होगी। इतना ही नहीं तेज हवा के कारण शहर में लगे होर्डिंग उड़कर गिरने लगे। वहीं कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ भी गिरे। मई भीषण गर्मी का महीना माना जाने वाले में हुई झमाझम बारिश ने तरबतर करके रख दिया। शहर के हालात वर्षा के मौसम की तरह हो गए, नालियां उफान पर आ गई और बिजली गायब हो गई। इससे बिजली कंपनी द्वारा किए जाने वाले रखरखाव कार्य और नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की पोल खुलकर रखा गई।

निचली बस्तियों में भरा पानी, बिजली भी हो गई गुल

अचानक हुई वर्षा की वजह से सड़कें तालाब में बदल गईं। शहर के कई क्षेत्रों में कई जमा कचरा भारी वर्षा के कारण सड़क पर आ गया और और कई निचली बस्तियों में पानी भरने की भी सूचनाएं प्राप्त हुई है। शहर के लोगों के लिए यह बिन मौसम बरसात समस्या बन गई। तेज रफ्तार से हुई वर्षा की वजह से निचली बस्तियों में कुछ देर के लिए पानी भराने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसके अलावा बारिश शुरू होते ही पूर्व की तरह घंटों गायब रही बिजली, आधा दर्जन पेड़ गिरे। हालांकि किसी तरह की कोई जनहानि की कोई जानकारी नहीं हुई है। निचली बस्तियों में पानी भरना कोई नई बात नहीं है पिछले कई वर्षों से बारिश में इस प्रकार के नजारे सामने आते हैं, लेकिन इस समस्या का निदान नहीं किए जाने से वहां के निवासियों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।

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