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अबैध रूप से रेत का उत्खनन करने वाले आरोपी को 01 वर्ष सश्रम कारावास की सजा।
मुरैना। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जिला मुरैना के न्यायालय द्वारा आरोपी बृजकिशोर पुत्र संतोषीसिंह, उम्र-25 वर्ष, निवासी-नंदपुरा, जिला मुरैना म.प्र. को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत दोषी पाते हुये 01 वर्ष के सश्रम कारावास व कुल 6,500/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। मीडिया सेल प्रभारी (अभियोजन) श्रीमती रश्मि अग्रवाल ने बताया कि दिनांक 25.05.2014 को मुखबिर की सूचना पर छुलाबद रोड़ पर एक बिना नंबर के नीले रंग के ट्रैक्टर जिसमें बिना नंबर की कत्थई रंग की ट्राली लगी हुई थी, में रेत भरे होने की सूचना पाये जाने पर उसे थाना बागनीची के द्वारा ग्राम छुराबद रोड़ पर जप्त किया गया, जप्ती से पूर्व ड्रायवर के द्वारा ट्राली की लिफ्ट को उंचा कर आधा रेत सड़क पर फैला दिया गया और आधी ट्राली को मय टैªक्टर व रेत के जप्त कर पुलिस थाने में सुरक्षार्थ रखवाया गया एवं इस बात की सूचना गेमरेंजर राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य देवरी को दी गई, उक्त सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग के वनरक्षकगण पुलिस थाना बागचीनी गये और वहां एक नीले रंग का टैªक्टर जिसमें कत्थई रंग की ट्राली लगी हुई थी, कुछ रेत सहित मौजूद पाया गया, ट्रैक्टर ट्राली पर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं थे, टैªक्टर का चैचिस नंबर व इंजन नंबर अंकित था, टैªक्टर का चालक वहीं मौजूद था, उसके द्वारा अपना नाम बृजकिशोर पिता संतोष सिंह सिकरवार निवासी नंदपुरा बताया गया, पूछे जाने पर अपने पास रेत से संबंधित कोई रॉयल्टी रसीद न होना व्यक्त किया गया और उपरोक्त रेत डाबरपुरा घाट से भरना बताया, तत्पश्चात मौका पंचनामा बनाया गया, ट्रैक्टर ट्राली को जप्त किया गया, तथा आरोपी बृजकिशोर को गिरफ्तार कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। संपूर्ण विवेचना पूर्ण कर आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन के द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष क्रमबद्ध तरीके से साक्ष्य को पेश किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन के साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होकर आरोपी को दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती चित्रांशी मौर्य, सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला मुरैना द्वारा की गई।


