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श्री गोपाल जी धाम में मनाई गई गंगा सप्तमी।

'मां गंगा धरती के कल्याण के लिए आज ही के दिन जगतपिता ब्रह्मा जी के कमंडल से प्रकट हुई थी। धरती पर आने के लिए वे दो रूपों में बंट गई जिनमें से एक हैं गौतमी गंगा और दूसरी हैं भागीरथी गंगा। ब्रह्मा जी के कमंडल से समस्त लोगों के समक्ष प्रकट होने के कारण सनातनियों के लिए आज वैशाख शुक्ल सप्तमी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है।' यह उद्गार प्रख्यात कथावाचक डॉ दीपिका उपाध्याय ने श्रीगोपालजी धाम, दयालबाग में प्रवचन करते हुए कहे। गुरुदीपिका योगक्षेम फाउंडेशन के तत्वावधान में चल रही ब्रह्म पुराण कथा का छठवां दिन था। छठे दिन भगवान के अवतार लेने का कारण बताते हुए कथावाचक डॉ दीपिका उपाध्याय ने बताया कि भगवान विष्णु सृष्टि का पालन करने वाले हैं। ऐसे में सृष्टि को आसुरी शक्तियों से बचाना भी उन्हीं का दायित्व है। जिस प्रकार माता पिता अपनी संतान को भोजन, वस्त्र आदि देकर पोषण करने के साथ-साथ उसकी रक्षा का कार्य करते हैं, उसी प्रकार भगवान श्रीहरि भी इस धरती और उस पर रहने वाले प्राणियों का मात्र पोषण ही नहीं करते बल्कि उनकी रक्षा भी करते हैं। जब जब अधर्म बढ़ने लगता है, आसुरी प्रवृत्तियां हावी होने लगती हैं तब तब देवो की प्रार्थना पर भगवान श्री हरि अवतार ग्रहण करते हैं। आगे भगवान श्री कृष्ण के जन्म एवं गोकुल की मनोहारी लीलायें सुनाते हुए कथावाचक ने कहा कि ब्रह्मा जी तथा इंद्र के मान मर्दन के पीछे भी भगवान की भक्तवत्सल भावना ही थी। ब्रह्मा जी का अवलंब लेकर श्री कृष्ण ब्रज के प्रत्येक घर में गोप बालक के रूप में पहुंच गए तथा प्रत्येक गोपिका के हाथ का भोजन कर, उसे सेवा का अवसर प्रदान कर उन्होंने मुक्त कर दिया। इसी प्रकार गोवर्धन लीला के बहाने भगवान कृष्ण ने इंद्र को बचाने को विवश कर दिया। भगवान श्री कृष्ण ने न केवल देवराज के मस्तक पर परम पवित्र ब्रज रज लगा दी, बल्कि इंद्र के पुत्र अर्जुन की सहायता का वचन भी दिया। भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं लुभावनी होने के साथ-साथ संदेशप्रद भी हैं। फाउंडेशन के निदेशक रवि शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को बगलामुखी जयंती के शुभ अवसर पर कथा का विराम होगा तथा सीता नवमी के पावन अवसर पर सहस्रार्चन के साथ पूर्णता होगी। उन्होंने कहा कि सहस्त्रार्चन की वस्तुएं भक्तजन साथ लाएं। अन्य व्यवस्थाएं फाउंडेशन की ओर से कर दी जायेंगी। जो लोग अर्चन करना चाहते हैं, वे पूर्व सूचना देने की कृपा करें। इस अवसर पर सुशीला शर्मा, विनीता गौतम, सारिका कालरा, नीलम, पवित्रा, दिनेश शर्मा, विशाल शर्मा, नीतू, आर्ना आदि उपस्थित रहे।

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