ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

केदारनाथ में दुखद हादसा, हेलीकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से 1 अफसर की मौके पर मौत।

केदारनाथ में रविवार 23 अप्रैल को हेलीकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से एक सरकारी अधिकारी की मृत्यु हो गई. रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे ने बताया कि हादसा दोपहर के समय केदारनाथ में जीएमवीएन हेलीपैड पर तब हुआ जब हेलीकॉप्टर में बैठने के लिए आ रहे अमित सैनी टेल रोटर की चपेट में आ गए. उन्होंने बताया कि हादसे में सैनी की गर्दन में गंभीर चोटें आईं जिससे उनकी मृत्यु हो गई.सैनी (35) राज्य सरकार के उड्डयन विभाग से संबंधित एजेंसी उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (युकाडा) में वित्त नियंत्रक के पद पर कार्यरत थे और केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पहले हेलीकॉप्टर सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं के निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंची टीम में शामिल थे. रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि अपराह्न सवा दो बजे के आसपास यह हादसा क्रिस्टल एविएशन के हेलीकॉप्टर से हुआ और उस समय टीम केदारनाथ में निरीक्षण करने के बाद वापस लौटने वाली थी. केदारनाथ के कपाट 25 अप्रैल को खुलने हैं. केदारनाथ में हिमपात और रुक-रुककर बारिश हो रही है जिसके बीच अधिकारी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं.ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जब हेलीकाप्टर ब्लेड की चपेट में आने से लोगों की जान चली गई. जब रोटर को टेकऑफ़ से पहले फ़्लाइट आरपीएम तक लाया जाता है तो यह बहुत अधिक होता है. हेलीकॉप्टर के सामने खड़े होकर चलने से ब्लेड की चपेट में आने की सम्भावना बेहद अधिक हो जाती है. वहीं ब्लेड से टकराने पर कई बार शरीर के कई टुकड़े भी हो जाते हैं. इसी कारण हेलीकॉप्टर के पास आने या छोडऩे पर हमेशा अपना सिर नीचे रख कर चलने को कहा जाता है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button