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मध्यप्रदेश

अगले माह भाजपा में बड़े स्तर पर सर्जरी

भोपाल। प्रदेश के सभी जिलों में 14 वरिष्ठ नेताओं द्वारा लिए गए फीडबैक के आधार पर अब संगठन में एक बड़ी सर्जरी किए जाने की संभावना बढ़ गई है। यह सर्जरी जिलास्तर से लेकर प्रदेशस्तर तक की जाना है। इसके साथ ही सत्ता में उन नाराज नेताओं को लेने की भी तैयारी है, जो घर बैठे हुए हैं। यही नहीं जिनके बगावती तेवर हैं, ऐसे नेताओं को समझाने के लिए एक बार फिर बड़े नेता उनसे मुलाकात कर सकते हैं या फिर उन्हें भोपाल तलब किया जा सकता है।
भोपाल में हुई कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश में भेजे गए वरिष्ठ नेताओं ने अपना फीडबैक पार्टी नेतृत्व को सांैपा। संगठन के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ हुई बैठक में महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, राकेशसिंह, भगवानदास सबनानी, जयभानसिंह पवैया, नरोत्तम मिश्रा और अन्य भाजपा पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिलों के प्रभारी बनाए गए नेताओं ने अपनी रिपोर्ट को लेकर चर्चा की, वहीं बैठक में चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद जो रिपोर्ट सामने निकलकर आई है, उसमें अगले माह प्रदेश में बड़े स्तर पर संगठन में सर्जरी होने की संभावना है। इस सर्जरी के पहले ही भाजपा ने कुछ जिलाध्यक्षों को बदलना भी शुरू कर दिया है। पार्टी चाह रही है कि जिन लोगों को जवाबदारी मिले वो पूरी तरह से संगठन का काम करें, ताकि चुनाव में किसी प्रकार का नुकसान न होने पाए, वहीं जिन अध्यक्षों को चुनाव लडऩा है, उन्हें भी पदमुक्त कर दिया जाएगा। दरअसल संघ के सर्वे ने भाजपा की नींद उड़ाकर रख दी है और जिस तरह से सत्ता और संगठन में निचले स्तर पर तालमेल नहीं बैठ पा रहा है और जिलास्तर के नेताओं की उपेक्षा  हो रही है, उसको लेकर भी चर्चा हुई है और उन्हें अब उचित पद देने की भी तैयारी है। यही नहीं सत्ता में खाली पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों की सूची भी तैयार होने लगी है।

नाराज नेताओं को देंगे बड़ा पद
पार्टी ने रूठों को मनाना शुरू कर दिया है और पहले दौर में विकास प्राधिकरण तथा निगम-मंडलों में नियुक्तियां की जा रही हैं। चार दिन पहले इंदौर के डॉ. निशांत खरे और प्रताप करोसिया जैसे नेताओं को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देना, वहीं उज्जैन और रतलाम विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष पद पर भाजपा नेताओं की नियुक्ति कार्यकर्ताओं को खुश करने के रूप में देखी जा रही है। चुनावी साल देखते हुए उन्हें राज्यमंत्री की बजाय कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही कुछ और नियुक्तियां की जाना हैं, वहीं आईडीए संचालक मंडल, एल्डरमैन, सरकारी विभाग की समितियों, सहकारी सोसायटियों, मंडी बोर्ड में भी नियुक्तियां किए जाने को लेकर सूची तैयार होने लगी है।

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