ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़

3 साल से अनुपस्थित रहे 11 डॉक्टर्स की सेवाएं खत्म, 2 को मिला नोटिस

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने विभाग ने प्रदेश में अब तक की बड़ी कार्रवाई की है। तीन साल से भी ज्यादा समय से अनुपस्थित चल रहे 11 डॉक्टर्स की सेवाएं खत्म कर दी हैं। वहीं दो डॉक्टर्स को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है, जिन्हें 15 दिन के अंदर जवाब देने के लिए निर्देशित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं के संचालक की ओर से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित कुल 24 चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच किए जाने के प्रस्ताव पर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पांच चिकित्सा अधिकारियों की अनुपस्थिति अवधि को अकार्य दिवस (डायजनान) घोषित किया गया था। वहीं 6 चिकित्सा अधिकारियों की सेवा समाप्ति कर उनकी अनुपस्थिति अवधि को मूलभूत नियम 17 ‘ए’ एवं पेंशन नियम 1976 के नियम 27 के तहत निराकरण करते हुए पृथक विभागीय आदेश बीते 7 फरवरी को विभाग ने जारी किया था।

बाकी 13 चिकित्सा अधिकारियों को विभाग ने अनुपस्थित होने के कारणों को स्पष्ट करने 1 दिसम्बर 2022 को प्रकरण की सुनवाई नियत की गई थी पर इन 13 चिकित्सा अधिकारियों में से कोई भी सुनवाई में नहीं पहुंचा। इतना ही नहीं उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत भी नहीं किया गया। इन चिकित्सा अधिकारियों में से 11 चिकित्सा अधिकारी तीन वर्ष से अधिक समय से और दो चिकित्सा अधिकारी तीन वर्ष से कम समय से अनुपस्थित चल रहे थे। राज्य शासन ने 11 अनुपस्थित चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध तीन वर्ष से अधिक समय से अनुपस्थित होने पर सेवा समाप्त किए जाने और तीन वर्ष से कम की अनुपस्थिति वालों पर विभागीय जांच किए जाने वहीं परिविक्षाधीन होने पर अवधि बढ़ाए जाने का निर्णय लिया है।

इन डॉक्टर्स पर गिरी गाज

जिन 11 चिकित्सा अधिकारियों की सेवा समाप्त की गई है उनमें डॉ. सुमीत सोलंकी, चिकित्सा अधिकारी, दस बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय कबीरधाम, डॉ. रिद्धी अरोरा, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय दुर्ग, डॉ. सुरेंद्र कुमार सिस्टू, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय दुर्ग, डॉ. छवि जांगड़े, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय बेमेतरा, डॉ. पारुल जोगी, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मस्तूरी, डॉ. तान्या मिश्रा, चिकित्सा अधिकारी, 50 बिस्तर, एमसीएच, डॉ. शारदा परिहार, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय मुंगेली, डॉ. शबा परवीन, चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय सूरजपुर, डॉ. धनंजय प्रसाद साहू, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत और डॉ. कमल कुमार डहिरे, चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार शामिल हैं।

इन डॉक्टर्स को मिला समय

साथ ही तीन वर्ष से कम समय से अनुपस्थित दो चिकित्सा अधिकारियों डॉ. ज्योति सोनवानी, चिकित्सा अधिकारी, मातृत्व एवं शिशु अस्पताल बेमेतरा एवं डॉ. अवधेश्वर साय, भेषज विशेषज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा के विरुद्ध विभागीय जांच पर रखा गया है।

 

Related Articles

Back to top button