ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

400 साल बाद सिंधी समाज ने छोड़ा गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ

भोपाल । पूज्य सिंधी समाज के मंदिरों में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ पिछले 400 सालों से हो रहा था। सिंधी समुदाय के लोग इस ग्रंथ का बड़ी श्रद्धा के साथ पाठ करते थे।
कुछ माह पूर्व इंदौर में हथियारबंद निहंग सिख पहुंचे थे। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहब के पाठ को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। निहंग सिख कई सिंधी मंदिरों में जबरिया घुसकर गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी का आरोप लगा रहे थे। गुरु ग्रन्थ साहिब की मर्यादा और मंदिरों से देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने का आदेश निहंग सिख दे रहे थे।
इसके बाद अखिल भारतीय सिंधी संत सम्मेलन,जो अमरावती में हुआ था। उसमें निर्णय लिया गया, अब गुरु ग्रंथ साहब की तर्ज पर सिंधी समाज सनातनी आदि ग्रंथ की रचना करेगा।
अमरावती सम्मेलन से लौटने के बाद समाज के महंत तुलसीदास उदासी जी ने कहा, सिंधी समाज ने अपनी पूजा पद्धति बदलने का फैसला लिया है। लगभग 400 साल के बाद सिंधी मंदिरों से गुरु ग्रंथ साहब को पास के गुरुद्वारों में श्रद्धा के साथ सौंपने की प्रक्रिया भी की गई है।

Related Articles

Back to top button